सऊदी सरकार ने दिखाई दरियादिली, भारतीयों को अपने खर्चे पर भेजेंगे

डॉ. संदीप कोहली, नई दिल्ली (4 अगस्त):​ सऊदी अरब में फंसे 10,000 भारतीयों के लिए राहत देने वाली खबर आई है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज लोकसभा और राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान एक समान वक्तव्य देते हुए कहा कि सऊदी अरब में फंसे भारतीय मजदूरों की समस्याओं को वहां के शासकों के संज्ञान में लाया गया है और उन्होंने समस्याओं के तत्काल समाधान का भरोसा दिया है। सऊदी सरकार वहां फंसे बेरोजगार भारतीय श्रमिकों को दूसरी नौकरियां उपलब्ध कराने तथा बकाए वेतन के भुगतान के लिए ठोस कदम उठा रही है। 

उन्होंने कहा कि विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह परसों रात को ही सऊदी अरब पहुंच गए थे और वहां के मंत्रियों तथा अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो श्रमिक स्वदेश लौटना चाहते हैं, उन्हें एक्जिट वीजा उपलब्ध कराया जाएगा तथा सऊदी सरकार अपने खर्चे पर उन्हें भारत भेजेगी। इसके साथ ही जो श्रमिक दूसरी कम्पनियों में काम करना चाहते हैं, उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार दूसरी कम्पनियों में रोजगार उपलब्ध कराये जाएंगे।

विदेश मंत्री ने कहा कि जो श्रमिक वापस भारत लौटेंगे, वे सऊदी अरब के श्रमिक कार्यालय में कम्पनियों पर बकाये राशि का दावा भी करेंगे ताकि घर लौटने के बाद उनकी बकाया राशि का भुगतान किया जा सके। उन्होंने कहा कि भारतीय श्रमिक सऊदी अरब के जिन शिविरों में रह रहे हैं, उन्हें वहां की सरकार आज से भोजन भी उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही सऊदी सरकार ने शिविरों की साफ सफाई और चिकित्सा सुविधा भी प्रदान करने का वादा किया है।

स्वराज ने सहयोग के लिए सऊदी अरब के शासक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों वहां की यात्रा की थी और इससे दोनों देशों के बीच संबंध प्रगाढ़ हुए हैं, जिसके कारण ही समस्याओं के समाधान में तेजी से मदद मिली। 

गौरतलब है कि सऊदी अरब में रह रहे करीब 10 हजार भारतीयों के लिए भूखे मरने की नौबत आ गई है। उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। उनके मालिकों ने उन्हें 8 महीने से तन्ख्वाह भी नहीं दी है। ऐसे में भारत सरकार इन लोगों की मददगार बनके सामने आई है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज खुद इस मामले पर नजर रखी हुई हैं। सरकार ने स्थानीय भारतीयों के मदद से इन लोगों के लिए खाने का इंतजाम किया है। 

खाड़ी के देशों में कितने रहते हैं भारतीय... 

- गौरतलब है कि अरब देशों में सऊदी अरब ही मात्र ऐसा देश है जहां 25 लाख से भी ज्यादा भारतीय कामगार हैं। - पंजाब, यूपी, आंध्र और राजस्थान से ज्यादातर ड्राइवर, आपरेटर, प्लंबर, गार्ड, टायर मैन, इलेक्ट्रिशियन और वेल्डर वहां कंपनियों में काम कर रहे हैं। - मुंबई की बड़ी मैनपावर रिक्रूटमेंट एजेंसियां जो हर महीने 5000 अरब देशों की एयर टिकटें बनती थी, वह अब कम होकर 50 से 100 के बीच ही रह गई हैं।

सऊदी अरब- 17, 89,000 कुवैत- 5, 79, 390 बेहरीन- 3, 50, 000 कत्तर- 5,00, 000 यूएई- 17, 02, 911 ओमान- 5, 57, 713

सऊदी अरब में क्यों आई ऐसी नौबत...

- इसी साल जून में तेल पर आर्थिक निर्भरता कम करने के लिए सऊदी अरब ने अहम सुधारों की घोषणा की थी। - सऊदी के मंत्रिमंडल नेशनल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोगाम यानी राष्ट्रीय कायाकल्प कार्यक्रम की घोषणा की थी। - अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गिर रही कीमतों और निर्माण क्षेत्र में भारी सुस्ती के कारण ये हालत पैदा हुए हैं। - अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 30 डॉलर प्रति बैरल पर गिर रहा था, जो सऊदी के अनुमान की आधी कीमत थी। - यही नहीं सऊदी के सालाना बजट में करीब 100 अरब डॉलर (6.67 लाख करोड़) का घाटा हो रहा था - इस घाटे ने सऊदी किंगडम को चिंता में डाल दिया और क्रांतिकारी बदलाव की जरूरतों को मजबूती प्रदान की। - सस्ते कच्चे तेल और यमन के साथ पिछले एक साल से चल रहे युद्ध के कारण आर्थिक मंदी का शिकार हो रहा था साऊदी। - दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पाद देश सऊदी अरब में निमार्णाधीन बड़े-बड़े प्रोजेक्टों पर ब्रेक लग गया था। - हज यात्रा के दौरान मक्का में हुए क्रेन हादसे के कारण सऊदी सरकार पहले ही सउदी बिन लादेन जैसी नामी कंस्ट्रक्शन कंपनी पर ताला जड़ चुकी थी। - इस साल अप्रैल में सउदी बिन लादेन ने 20 हजार भारतीय वापस भेज दिए थे। - सरकारी प्रोजेक्टों का ठेका लेने वाली कंपनी सऊदी ओजर भी अपने कामगारों को पगार तक नहीं दे पा रही थी। - कभी सऊदी ओजर कंपनी का डंका बजा करता था। जून में इस कंपनी ने 385 भारतीय ड्राइवर भारत वापस भेज दिए, इनमें अधिकतर पंजाब से हैं। - हालांकि यह समस्या पिछले तीन सालों से जारी है 2013 में 1 लाख 40 भारतीय कामगारों ने सऊदी छोड़ने के लिए भारतीय कॉन्सलेट से गुहार लगाई थी। - क्योंकि सऊदी अरब ने गैरकानूनी ढंग से रहने वाले विदेशियों को पकड़ने के लिए 2013 में निताकत नीति को सख्ती से लागू किया था। - बीते दशक में सऊदी अरब में जबरदस्त आर्थिक ग्रोथ के चलते दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया से बड़े पैमाने पर लोग वहां रोजगार के लिए पहुंचे थे। - आमतौर पर ऑइल इंडस्ट्री में कम मजदूरी वाले पदों, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर में मिडिल मैनेजमेंट पदों पर गैर सऊदी लोगों की बड़ी संख्या है। - सऊदी के आधिकारिक डेटा के मुताबिक देश की 3 करोड़ 80 लाख की जनसंख्या में करीब एक करोड़ लोग विदेशी हैं।