'पतियों को पीटने के मामले में दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं हिंदुस्तानी पत्नियां'

नई दिल्ली (9 अगस्त): भारत के मीडिया में आये दिन खबरें आती हैं कि महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हो रही हैं। पत्नियों पर पति अत्याचर करते हैं। पत्नियों को मारते-पीटते हैं, लेकिन यूनाईटेड नेशंस की रिपोर्ट इसके एकदम उलट है। यूनाईटेड नेशंस की रिपोर्ट कहती है कि भारतीय पतियों के साथ खराब बर्ताव और उनकी पिटाई करने के मामले में दुनिया में तीसरे नंबर पर आती हैं।

वो पतियों तो बेलन, जूते-चप्पल यहां तक कि घर में उपयोग होने वाले औजारों से भी पिटायी करती हैं। यूनाईटेड नेशंस की यह रिपोर्ट फैमिली कोर्ट से मिले सुबूतों और आंकड़ों के आधार पर तैयार की गयी है। यह रिपोर्ट यह भी कहती है कि तलाक लेने वाली महिलाओं में 66 प्रतिशत महिलाएं वही होती हैं जो अपने पतियों के साथ खराब व्यवहार करती हैं।

गनीमत सिर्फ इतनी है कि भारत से पहले दो पायदान पर क्रमशः इजिप्ट और ब्रिटेन की महिलाएं है। पत्नी पीड़ित पति अपनी समस्या के समाधान के लिए सारे विकल्प उपयोग करते हैं। जब सारे विकल्प नाकाम हो जाते हैं तब वो कोर्ट केस करते हैं। यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट तो यह भी कहती है कि कई पत्नियां तो अपने पतियों को खाने में या किसी और तरीके से नींद की गोलियां भी दे देती हैं।