ट्रांसपेरेंट शीशे की छत वाली होंगी अब भारत की ट्रेन

नई दिल्ली (11 अक्टूबर):अब भारत में भी विदेशों की तरह शीशे के कोच वाली ट्रेने चलेंगी। इसके लिए सिर्फ दिसंबर तक इंतजार करना होगा। इसकी शुरुआत कश्मीर और तमिलनाडु से होगी, जहां सामान्य ट्रेनों को शीशे की छत वाली कुछ बोगियां लगाकर चलाया जाएगा।

इसके लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने लखनऊ स्थित रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) तथा पेरंबूर (चेन्नई) स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) के साथ करार किया है। दोनों मिलकर इन बोगियों का डिजाइन तैयार करेंगे।

- आईआरसीटीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डा. एके मनोचा ने इस परियोजना के बारे में कहा, 'इस साल दिसंबर तक आइसीएफ में इस तरह की तीन कोच बन कर तैयार हो जायेंगे। 

- पहले कोच को रमणीक कश्मीर घाटी में चलने वाली एक नियमित ट्रेन में लगाया जाएगा। जबकि अन्य दो कोच दक्षिण-पूर्व रेलवे पर सुरम्य अरक घाटी (केके लाइन, वाल्टेयर स्टेशन) जाने वाली कुछ ट्रेनों में जोड़े जायेंगे।' 

- परियोजना का ब्यौरा देते हुए आइआरसीटीसी के समूह महाप्रबंधक  धाम घज प्रसाद ने कहा कि भारत में बनने वाली शीशे की छत वाली बोगियां दुनिया की सबसे अच्छी बोगियों से बेहतर होंगी। आइसीएफ में पहला कोच बनकर तैयार हो चुका है। 

- यात्रियों को बाहर का पूरा दृश्य दिखाने की सहूलियत के लिहाज से ट्रेन में घूमने वाली अति आरामदेह कुर्सियां लगाई गई हैं। इनमें पैर फैलाने की भी पूरी जगह है। पर्यटकों के मनोरंजन के लिए कुर्सियों के पीछे विमानों की तरह टीवी स्क्रीन की व्यवस्था भी लगाई गई है।