दुश्मन की जासूसी में माहिर IIT कानपुर के ड्रोन खरीदेगी भारतीय सेना

नई दिल्ली (24 मई): आईआईटी कानपुर ने एक ऐसा ड्रोन बनाया है जो विदेशों से खरीदे जा रहे ड्रोन से कहीं अधिक सस्ता, अच्छा और टिकाऊ है। यह ड्रोन आठ घण्टे तक हवा में रह सकता है और दुश्मन पर सौ किलोमीटर के दायरे में पैनी निगाह रख सकता है। आईआईटी कानपुर ने इसका नाम 'स्वाति' रखा है। 'स्वाति' अपने नां के मायनों के अनुरुप स्वाति को जब जैसे ऑप्रेशंस में उपयोग किया जायेगा ये ठीक उसी के अनुरूप ठोस और सटीक नतीजे सामने रखेग।

भारतीय सेना और डीआरडीओ की एक टीम बहुत जल्द ही इसका फील्ड ऑप्रेशन देखने के लिए आईआईटी कानपुर आने वाली है। स्वाति का पूरा नाम 'साइलेंट वॉच एयरक्राफ्ट फॉर टेक्टिकल इंटेलिजेंस'है। इस ड्रोन को बनाने वाली टीम के लीटर प्रोफेसर दीपू फिलिप ने बताया कि तीस स्टूडेंट्स के साथ प्रोफेसर एके घोष, प्रोफेसर निश्चल वर्मा, और प्रोफेसर सत्याकी रॉय फिलहाल इसी तरह के तीन ड्रोन बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस समय भारत इसी तरह के जो ड्रोन विदेशों से खरीद रहा है उसकी कीमत लगभग दौ करोड़ रुपये है, जबकि आईआईटी कानपुर में विकसित किये गये ड्रोन की कीमत 20 से 30 लाख रुपये के बीच ही आयेगी।

भारत सरकार इसका उत्पादन अपनी आवश्यकताओं के अलावा निर्यात के लिए भी कर सकती है। प्रोफेसर फिलिप ने बताया कि उनकी टीम ने दूसरे ड्रोन का नाम 'अमिता'रखा है। इसका मतलब है, 'ऑटोनोमस मैन-पैकेबल इंटेलिजैंस टैक्टिकल एयरक्राफ्ट'। इसका वजन महज छह से आठ किलो है। इसको पिट्ठू बैग की तरह लाद कर कहीं ले जाया जा सकता है। यह तीन घण्टे तक आसमान में रह सकता है और इसे किसी तरह के रन वे की जरूरत नहीं है।