दुनिया का सबसे हल्का सैटलाइट बना भारतीय युवक ने जीता नासा का चैलेंज


नई दिल्ली(17 मई): 18 साल के एक लड़के ने एक उपग्रह बनाया है, जिसे कि दुनिया का सबसे हल्का उपग्रह बताया जा रहा है। नासा और कोलोराडो स्पेस ग्रेंट कन्सॉर्शीअम कंपनी ने एजुकेशन कंपनी आईडूडल के साथ मिलकर 'क्यूब्स इन स्पेस' प्रतियोगिता का आयोजन किया था।  


- रिफत शारूक द्वारा बनाए गए उपग्रह ने इस चुनौती में पहला स्थान हासिल किया है। रिफत द्वारा बनाए गए सैटलाइट का वजन मात्र 64 ग्राम है।


- जून में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिका स्थित नासा मुख्यालय में इस सैटलाइट को लॉन्च किया जाएगा। रिफत ने इस सैटलाइट का नाम पूर्व भारतीय राष्ट्रपति और वैज्ञानिक अब्दुल कलाम के नाम पर 'कलामसैट' रखा है।


- रिफत का कहना है कि उनके द्वारा बनाए गए उपग्रह का मुख्य काम 3-डी प्रिंटेड कार्बन फ़ाइबर के प्रदर्शन को दिखाना है। उन्होंने बताया कि उनका उपग्रह 4 घंटे लंबी उप-कक्षीय उड़ान पर भेजा जाएगा। इस उड़ान के दौरान यह सैटलाइट अंतरिक्ष के बेहद कम गुरुत्वाकर्षण वाले वातावरण में करीब 12 मिनट तक काम करेगा। सैटलाइट की डिजाइनिंग के बारे में बताते हुए रिफत ने कहा, 'हमने इसे बिल्कुल शून्य से डिजाइन किया है। इसके अंदर एक नए तरह का ऑनबोर्ड कंप्यूटर होगा। साथ ही, गति की वृद्धि, आवर्तन और धरती के चुंबकत्व को मापने के लिए इसमें 8 सेंसर्स भी लगे होंगे।'


- रिफत तमिलनाडु के एक छोटे से शहर के रहने वाले हैं। अब वह चेन्नै स्थित स्पेस किड्ज इंडिया में बतौर मुख्य वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। स्पेस किड्ज इंडिया भारतीय बच्चों और किशोरों के बीच विज्ञान व शिक्षा को बढ़ावा देने का काम करती है। 'कलामसैट' रफत का पहला अविष्कार नहीं है। इससे पहले महज 15 साल की उम्र में उन्होंने हीलियम गैस से चलने वाला एक मौसम बलून बनाया था। इस प्रतियोगिता में देशभर के युवा वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया था।