भारतीय छात्र ने बनाई दुनिया की सबसे छोटी सैटेलाइट, नासा ने किया लॉन्च

नई दिल्ली ( 22 जून ): अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने वालोप्स अंतरिक्ष केंद्र से एसआर-4 रॉकेट के जरिए कलाम सैट उपग्रह का प्रक्षेपण करेगा, जिसकी मिशन अवधि 240 मिनट की होगी। यह उपग्रह दुनिया का सबसे हल्का और छोटा उपग्रह है।


आपको जानकर हैरानी होगी कि इसे तमिलनाडु के एक 18 वर्षीय छात्र ने डिजाइन किया। तमिलनाडु के रिफत शारूक(18) ने दुनिया का सबसे छोटा और हल्का सैटेलाइट डिजाइन तैयार कर मिसाल कायम की है। अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा साउडिंग रॉकेट के तहत 64 ग्राम का सैटेलाइट लॉन्च किया है। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर सैटेलाइट को 'कलामसैट'  का नाम मिला। इसे बनाने में 1 लाख रुपए का खर्च आया। इस डिजाइन को बनाने वाले रिफत 12वीं क्लास में पढ़ते है। उनकी टीम में विनय भारद्वाज, तनिष्क द्विवेदी, यग्नासाई, अब्दुल कासिफ और गोबी नाथ शामिल हैं।


जानकारी के मुताबिक, नासा के 240 मिनट के मिशन में कलामसैट 12 मिनट के बाद ऑर्बिट में छोड़ा जाएगा। सैटेलाइट में कई तरह के सेंसर और सोलर पैनल लगाए गए हैं।

नासा पहली बार किसी भारतीय स्टूडेंट के एक्सपीरियमेंट को अपने मिशन में शामिल किया है। इसे 'क्यूब्स इन स्पेस' कॉन्टेस्ट के तहत डेवलप किया गया। दरअसल,16 मई को रिफत ने बताया था, ''नासा के 'क्यूब्स इन स्पेस' कॉन्टेस्ट में 57 देशों के 86,000 मॉडल्स पेश किए गए थे। जिसमें ले कुल 80 मॉडल सिलेक्ट हुए, इनमें कलामसैट भी शामिल है।