भारत की एक चाल से चीन पड़ा ठंडा, मसूद अज़हर पर यूएन में नहीं करेगा विरोध

नई दिल्ली (3 मई): भारत की एक कूटनीतिक चाल के सामने चीन अब घुटने टेकता नज़र आ रहा है। चीन के विदेश मंत्री ने कहा है कि वो पाकिस्तानी आतंकी मौलाना मसूद अज़हर और हाफिज़ सईद के बारे में भारत के पक्ष पर विचार को तैयार है। चीन की तरफ से ऐसा संकेत मिलने के बाद समझा रहा है कि मसूद अज़हर को संयुक्त राष्ट्र की आतंकियों की सूची में सामिल करने के भारत के प्रस्ताव पर चीन विरोध नहीं करेगा। भारत का प्रस्ताव छह महीने तक वैध है। उस पर फिर से सभी सदस्य देशों की बैठक बुलायी जा सकती है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रस्ताव पर चीन ने वीटो लगा दिया था। इससे नाराज़ होकर भारत ने  उइगर समुदाय के असंतुष्ट नेता डोल्कुन ईसा और दो अन्य को पहले वीजा दे दिया था। भारत के इस कूटनीतिक दांव से चीन को अहसास हो गया है कि मसूद अजहर के मामले में उसके पाकिस्तान के हाथ में खेलने पर भारत भी उसकी कमजोर नस दबा सकता है।सूत्रों का कहना है कि वीजा विवाद तो एक बानगी भर है।

भारत के तरकश में चीन को घेरने के लिये अभी कई और तीर मौजूद हैं। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार भारत के एक छोटे से कूटनीतिक दाँव ने चीन को ठंडा कर दिया और अब वह भारत के रुख को समझने को तैयार दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 समिति में मसूद अजहर पर भारत का प्रस्ताव छह माह तक वैध रहेगा और समिति की अगली बैठक में चीन क्या रुख अपनाता है। हालांकि उस पर अभी पूरा भरोसा करना संभव नहीं है और इसलिये भारत ने चीन के अन्य कमजोर पहलुओं पर हाथ रखने की एक योजना भी बना रखी है।