शुक्र मिशन के लिए ISRO ने मांगे वैज्ञानिकों से सुझाव


नई दिल्ली(24 अप्रैल): भारतीय अंतरिक्ष अंनुसंधान संगठन(इसरो) चांद और मंगल पर सफल अभियान करने के बाद अब शुक्र ग्रह पर भी अभियान भेजने की योजना बना रहा है। इसके लिए इसरो ने देशभर के वैज्ञानिकों से इस दिशा में सुझाव मांगे हैं।


- इसरो के अनुसार वीनस बाउंड सैटेलाइट की पेलोड क्षमता 500W शक्ति के साथ 175 किलोग्राम होने की उम्मीद है। शुक्र के आसपास की कक्षा  500 X 60,000 किमी है, जो धीरे-धीरे कई महीनों में कम हो जाएगी।


- इसरो के वैज्ञानिकों ने बताया कि इस अभियान का ध्यान वायुमंडलीय और सतही अध्ययन, सूर्य- शुक्र की अंतःक्रिया, बायोलॉजी एक्सपेरिंमेंट और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पर होगा। इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि ये एक स्वीकृत अभियान है लेकिन अभी इसके लॉन्चिंग की तारीख तय नहीं हुई है।


- इस अभियान की अहमियत के बाबत जब पूछा गया तो इसरो ने बताया कि शुक्र को पृथ्वी की जुड़वां बहन कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके आकार, द्रव्यमान, घनत्व, संरचना और गुरुत्वाकर्षण में काफी समानता है। इसरो ने बताया कि ये भी माना जाता है कि दोनों ग्रह 450 साल पहले एक समय में ही निर्मित हुए थे। इसरो के अनुसार शुक्र की खोज 1960 के दशक के शुरुआत में हुई थी।


- इसरो ने कहा कि शुक्र की खोज में महान प्रगति के बावजूद अभी भी हम इससे जुड़ी बहुत सी बातों से अनजान हैं। ऐसे में ये अभियान काफी महस्वपूर्ण हो जाता है।