प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए 74,000 भारतीय सैनिकों की वीरता को दुनिया कर रही है सलाम

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 नवंबर): प्रथम विश्व युद्ध को आज पूरा देश याद कर रहा है। आज से ठीक 100 साल पहले विश्व युद्ध हुआ था। गौरतलब है कि तारीख 11 नवंबर 1918 इतिहास में दर्ज वह तारीख है जब चार साल तक दुनिया को हिलाकर रख देने वाला प्रथम विश्व युद्ध आखिर थम चुका था।

जब भारत में समुद्र यात्रा को भी अशुभ माना जाता था, उस वक्त कुछ हजार या 2-4 लाख नहीं, बल्कि 11 लाख भारतीय सैनिक प्रथम विश्व युद्ध में हिस्सा ले रहे थे। इन सैनिकों ने समंदर पार दूसरे देशों में अपने शौर्य, पराक्रम और जांबाजी का लोहा मनवाया। चार साल तक चले प्रथम विश्व युद्ध में करीब 74 हजार भारतीय सैनिक शहीद हुए। करीब 70 हजार अन्य भारतीय जख्मी हुए। आज प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति की 100वीं सालगिरह पर दुनियाभर में उनकी शहादत को याद किया जा रहा है। बता दें कि पीए मोदी मोदी ने भी प्रथम विश्व युद्ध के भारतीय शहीदों को याद किया है। चलिए अब आपको कुछ उन सपूतों के बारे में बताते हैं जो इस भयंकर युद्ध में लड़ते-लड़ते वीर गति को प्राप्त हो गए।  


बता दें कि 104 साल पहले भारतीयों के लिए समुद्र यात्रा को लेकर सकारात्मक माहौल नहीं था। सामाजिक मान्यताओं के कारण लोग समुद्र मार्ग से यात्रा करना अशुभ मानते थे। आज के इतिहास में जिस घटना को दुनिया प्रथम विश्व युद्ध कहती है, उसके लिए लाखों अविभाजित हिंदुस्तानी नागरिकों को जिन्हें युद्ध कौशल में प्रशिक्षित भी नहीं किया गया था, को बड़े समुद्री जहाजों के जरिए युद्ध में भाग लेने के लिए ईस्ट अफ्रीका, फ्रांस, मिस्र, पर्शिया जैसे देशों में भेज दिया गया। 11 नवंबर को दुनिया प्रथम विश्व युद्ध के समापन के तौर पर जानती है, जिसमें ब्रिटिश हुकूमत की जीत हुई थी।

28 जुलाई 1914 को शुरू हुआ प्रथम विश्व युद्ध 11 नवंबर 1918 तक चला। इस तरह यह 4 साल, 3 महीने और 2 हफ्ते तक चला। इसे अबतक का सबसे विनाशकारी युद्ध भी माना जाता है। प्रथम विश्व युद्ध में करीब 90 लाख सैनिकों और 70 लाख आम नागरिकों की मौत हुई थी। इसमें 30 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया।

प्रथम विश्व युद्ध में भारत प्रत्यक्ष हिस्सेदार नहीं था, लेकिन अविभाजित भारत की इस युद्ध में भागीदारी जरूर थी। भारत से 13 लाख से अधिक आदमी और 1.7 लाख से अधिक जानवरों को युद्ध क्षेत्र में भेजा गया। इस युद्ध में 74,000 भारतीय सैनिक शहीद भी हुए और आज के रुपए की गणना में 20 बिलियन डॉलर से ज्यादा का धन भारत से युद्ध क्षेत्र में खर्च किया गया।