सिंधु जल समझोते के लिए भारत-पाक से वार्ता को तैयार

नई दिल्ली (17 दिसंबर): वर्ल्ड बैंक की ओर से सिंध-तास समझौते पर निष्पक्ष विशेषज्ञों की नियुक्ति को रोकने और जल विवाद का हल करने के निर्देश पर नई दिल्ली ने द्विपक्षीय वार्ता के लिए सहमति देदी हैं।

भारतीय विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा सिंध तास समझौते के क्रियान्वयन पर विश्वास रखा है जिसमें तकनीकी प्रश्नों और मतभेदों को दूर किया जाना शामिल है जबकि इस विवाद को द्विपक्षीय वार्ता द्वारा ही हल किया जाना चाहिए। विकास स्वरूप ने कहा कि उदाहरण मौजूद है जब 1978 में सलाल हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में दोनों सरकारों ने इस प्रकार के मामलों को वार्ता के माध्यम से सफलतापूर्वक हल किया।भारतीय विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि यदि इन मामलों को उचित व्यवस्था के अंतर्गत हल करने का प्रयास किया जाए तो कोई कारण नहीं कि पाकिस्तान की ओर से उठाई जाने वाली आपत्ति को दोनों ओर से पेशावर और तकनीकी विशेषज्ञ हल न कर पाएं। विकास स्वरूप के अनुसार भारत ने वर्ल्ड बैंक को सुझाव दिया है कि जल्दबाज़ी न की जाए और इस हवाले से और अधिक विचार विमर्श किया जाए।  वर्ल्ड बैंक ने सिंध तास समझौते पर निष्पक्ष विशेषज्ञ की नियुक्ति रोकते हुए भारत और पाकिस्तान को जल विवाद जनवरी तक हल करने की मोहलत दी थी।