रियायती टिकट को लेकर रेलवे ने जारी किया नया नियम

नई दिल्ली ( 31 जनवरी ): रेलवे ने अपने रियायती टिकटों के मामले में अपने नियमों में भी बदलाव किया है। यात्री अपने किसी परिजन के नाम टिकट यूं ही ट्रांसफर नहीं कर सकेगा। इस बारे में रेलवे ने मंगलवार को आदेश जारी किए हैं। नियमों के अनुसार अभी यह व्यवस्था है कि अगर किसी व्यक्ति ने रेल टिकट लिया है, लेकिन वह यात्रा नहीं कर पा रहा तो उस स्थिति में वह ब्लड रिलेशन में अपना टिकट ट्रांसफर कर सकता है।

इसके लिए कुछ नियमों का पालन करना होता है, जिनके तहत यात्रा से 24 घंटे पहले रेलवे को इसकी सूचना भी देनी होती है ताकि टिकट पर पैसेंजर का नाम बदला जा सके। लेकिन अब रेलवे ने इस मामले में नया नियम जारी किया है। रेलवे का कहना है कि अगर किसी यात्री ने रियायती रेल टिकट लिया है तो उस स्थिति में वह अपने किसी ऐसे परिजन के नाम टिकट ट्रांसफर नहीं कर सकता, जो रियायत का हकदार नहीं है।

रेलवे के डायरेक्टर पैसेंजर मार्केटिंग विक्रम सिंह की तरफ से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि यह मामला इसलिए उठा, क्योंकि एक मामले में रियायती टिकट वाले यात्री ने अपना टिकट ऐसे परिजन को ट्रांसफर करने की कोशिश की, जो रियायती टिकट का हकदार नहीं था। यह मामला बाद में कंज्यूमर कोर्ट तक गया। इसके बाद ही अब रेलवे ने इस मामले में फिर से विचार किया और फाइनेंस निदेशालय से इस बारे में राय ली। राय लेने के बाद अब रेलवे ने आदेश जारी किया है कि रियायती टिकटों का दुरुपयोग न हो सके इसलिए रियायती टिकट अब ब्लड रिलेशन में किसी ऐसे व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा, जो रियायत का हकदार नहीं है।

रात 10 से सुबह 6 तक ट्रेन टिकटों की चेकिंग नहीं

रेलवे बोर्ड ने यह आदेश भी जारी किया है कि ट्रेन के रिजर्व्ड कोच में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच ही रेलयात्रियों का टिकट चेक किया जा सकेगा। हालांकि कुछ खास परिस्थितियों में चेकिंग स्टाफ को इस नियम से छूट दी गई है। रेलवे बोर्ड की ओर से ट्रैवलर्स टिकट एग्जामिनर (टीटीई) को निर्देश दिए गए हैं कि वे रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच ट्रेन में यात्रियों के टिकट की जांच न करें।

रेलवे बोर्ड का कहना है कि इस आदेश का मकसद यही है कि रात के वक्त ट्रेन में यात्रियों को डिस्टर्ब न किया जाए। हालांकि आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर किसी ट्रेन में यात्री रात 10 बजे के बाद सवार होता है तो उसके टिकट की जांच की जा सकती है। इसके अलावा रात के वक्त टिकट की जांच तभी की जा सकेगी, जब ट्रेन रात को रवाना हो रही हो या विजिलेंस विभाग को संदेह हो कि किसी ट्रेन में पैसेंजर बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं।