पाक बोला, भारत को मसूद अजहर से पूछताछ नहीं करने देंगे

इस्लामाबाद(25 जनवरी): जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर और पठानकोट हमले के अन्य संदिग्धों से संयुक्त रूप से पूछताछ करने के भारतीय प्रस्ताव को पाकिस्तान ने खारिज कर दिया है। पाक मीडिया के मुताबिक भारत ने पठानकोट आतंकी हमले में गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से दोनों देशों के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से पूछताछ की पेशकश की थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत इन्वेस्टिगेटर्स की एक टीम मौलाना मसूद अजहर और उसके भाई से पूछताछ के लिए भेजना चाहता है लेकिन पाकिस्तान ने इसे राजनीतिक स्तर पर खारिज कर दिया है। पाकिस्तान ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले में ईमानदारी और गंभीरता से जांच कर रहा है और उसमें कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

पाकिस्तान सरकार के सूत्र ने 'द नेशन' से कहा कि दरअसल, इंडिया मौलान मसूद अजहर और जमातुद दावा चीफ हाफिज मोहम्मद सईद का हस्तांतरण चाहता है और हमने इसे कई बार खारिज कर दिया है। वे कम से कम इतना चाहते हैं कि भारतीय इन्वेस्टिगेटर्स को इनसे पूछताछ की अनुमति मिले लेकिन हमने साफ कहा है कि यह संभव नहीं है।

एक और अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी अथॉरिटीज पठानकोट हमले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी एजेंसियां भारतीय एजेंसियों से इस मामले में संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि हम उन्हें लगातार अपडेट दे रहे हैं। उस अधिकारी ने कहा कि इस मामले में शुरुआती जांच रिपोर्ट भी भारत को सौंप दी गई है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने आतंकियों के जो टेलिफोन नंबर दिए थे उनका पाकिस्तान कुछ भी पता नहीं चल पाया है। उस अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान अपनी धरती से हुई गतिविधियों में थोड़ी भी सच्चाई पाता है तो ऐक्शन लेगा।

दो जनवरी को पठानकोट में हमले के बाद से पाकिस्तानी अथॉरिटीज ने मौलाना मसूद अजहर को 'ऐहतिहातन हिरासत' में रखा है। इस मामले में जैश के अन्य संदिग्धों को भी अरेस्ट किया गया है। कई शहरों में पाकिस्तानी अथॉरिटीज ने जैश द्वारा संचालित मदरसों को भी बंद कर दिया है। पठानकोट हमले को लेकर पाकिस्तानी एजेंसियों ने उससे पूछताछ की है। इस मामले में जैश चीफ के भाई मुफ्ती अब्दुल रहमान राउफ को भी हिरासत में लिया गया है।