'IPC की विस्तृत समीक्षा की जरूरत'

नई दिल्ली (26 फरवरी): 'राष्ट्रदोह कानून' को लेकर वर्तमान में चल रहे विवादों पर ध्यान देते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की फिर से विस्तृत समीक्षा करने की जरूरत है। जिससे इक्कीसवीं सदी की जरूरतों को पूरा किया जा सके। हालांकि, यह कानून अपने आप में मॉडल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने यह टिप्पणी आईपीसी की 155वीं सालगिरह पर की। इसके लिए कोची में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।