भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने बनाया ऐसा कैमरा जो शरीर के अंदर देखने में करेगा मदद

नई दिल्ली(5 सितंबर): ब्रिटेन में वैज्ञानिकों ने एक ऐसे कैमरे को विकसित किया है जिसके जरिए डॉक्टर इंसान के शरीर के अंदर देख सकते हैं। 'बायोमेडिकल ऑप्टिक्स एक्सप्रेस' जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, डॉक्टरों के चिकित्सा उपकरणों को ट्रैक करने में मदद करने के लिए बनाए गए इस डिवाइस को 'एंडोस्कोप' नाम से जाना जाता है। यह आंतरिक स्थितियों की जांच करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह नया डिवाइस शरीर के अंदर प्रकाश के स्रोतों का पता लगा स्कता है।

- स्कॉटलैंड में एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर केव धालीवाल ने कहा, 'यह एक बेहतर तकनीक है जो हमें मानव शरीर के अंदर देखने की अनुमति देती है। इसमें विभिन्न अनुप्रयोगों को करने के लिए विशाल क्षमता है।'

- धलीवाल ने कहा कि एक्स-रे या अन्य महंगी विधियों का इस्तेमाल किए बिना या फिर इसे बिना गाइड किए ट्रैक कर पाना संभव ही नहीं है कि एन्डोस्कोप शरीर में किस जगह स्थित है। रोशनी को एंडोस्कोप के जरिए शरीर से गुजारा जाता है, लेकिन यह आमतौर पर सीधे जाने के बजाय ऊतक और अंगों से टकराते हुए या उनके ऊपर से कूदते हुए निकल जाती है। इससे एन्डोस्कोप कहां है इसका स्पष्ट चित्र नहीं मिल पाता है।

- नए कैमरे में उन्नत तकनीक का फायदा उठाया गया है जिसके जरिए प्रकाश के अलग-अलग कणों का पता लगाया जा सकता है, जिसे फोटोन कहा जाता है।
यह तकनीक इतनी संवेदनशील है कि यह प्रकाश के छोटे निशान का भी पता लगा सकती है जो शरीर के ऊतकों के माध्यम से एंडोस्कोप से गुजरती है।
अध्ययन में पता चला है कि प्रारंभिक परीक्षणों में प्रोटोटाइप डिवाइस सामान्य प्रकाश की स्थिति में ऊतक के 20 सेंटीमीटर के माध्यम से बिंदु प्रकाश स्रोत के स्थान को ट्रैक कर सकता है।