भारतीय नौसेना की बढ़ेगी ताकत, समुद्र में छिपे दुश्मनों को पकड़ेगी ये खास नजर

नई दिल्ली ( 16 नवंबर ): समुद्री इलाकों में पानी के अंदर गोताखोरों या मानवरहित छोटी पनडुब्बियों के जरिये कोई हमला को रोकने के लिए नौसेना को देश में ही बने पोर्टेबल डाइवर डिटेक्शन सोनार से लैस किया जायेगा। इसके लिए ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत देश की एक अग्रणी निजी कंपनी के साथ समझौता किया गया है। देश के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के सरकार के प्रयासों के तहत नौसेना ने निजी क्षेत्र की कंपनी के साथ दूसरा ऐसे सौदा किया है जिसमें भारतीय कंपनी द्वारा देश में ही बनाये गये उत्पादों की खरीद की जायेगी। नए सोनार की नेवी भारी संख्या में खरीदारी करने जा रही है, उनकी लगभग सभी जहाजों में तैनाती होगी। 

बेहद हल्का होने से इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। इनका नाम है पॉर्टेबल डाइवर डिटेक्शन सोनार (पीडीडीएस), जिनकी सप्लाई के लिए टाटा पावर SED के साथ करार किया गया है। पहली बार कोई भारतीय कंपनी यह सोनार बनाने जा रही है। सरकार की 'मेक इन इंडिया' पॉलिसी के साथ मुताबिक ये सोनार बेंगलुरु में बनाए जाएंगे। इसके लिए इजरायल की कंपनी DSIT तकनीक ट्रांसफर करेगी। अब तक नेवी की जरूरतों के लिए ये सोनार आयात किए जाते थे।