UK में रहना चाहती है भारत की 'लेस्बियन' जोड़ी, कोर्ट ने दिया ये फैसला...

नई दिल्ली (14 मई): ब्रिटेन में रहने वाले भारत के एक लेस्बियन कपल को अपनी कानूनी लड़ाई में हार हासिल हुई है। यह कपल भारत से दोस्तों के नाते 2007 में यहां आया था। 2008 में ये सिविल पार्टनरशिप में आ गए। पिछले साल इन्होंने आपस में शादी कर ली। ब्रिटेन के कोर्ट ऑफ अपील ने उनके ब्रिटेन में रहने के लिए आवेदन को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इसके लिए आधार बताया है क्योंकि, उनके रिश्ते को उनके गृह देश भारत में पहचान नहीं मिलेगी।

द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों ने ही स्कॉटलैंड में अपनी मास्टर्स की डिग्री पूरी की थी। इसके बाद नौकरी मिलने पर वह लीगल वीज़ा पर ब्रिटेन में रह रहे थे। अब वह इसी देश में हमेशा के लिए रहना चाहते हैं।

कोर्ट ऑफ अपील ने भारत में उनके बैकग्राउंड का जब विश्लेषण किया और जब इसे स्वीकार किया गया कि भारत उन्हें समलैंगिक कपल होने के लिए कोई कानूनी प्रोटेक्शन नहीं देता। लेकिन ऐसा महसूस किया गया कि भारत वापस जाने पर परिवार के तौर पर उनके हकों का उल्लंघन नहीं होगा। क्योंकि ऐसा कोई सबूत नहीं है कि कपल को बदले में हिंसा का सामना करना होगा।

इन दोनों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। इनमें से एक महिला ने कहा, "मेरा परिवार नहीं जानता कि मैं एक लेस्बियन हूं और मेरी शादी हुई है। अगर मैं घर लौटती हूं,  वे मुझे सिंगल वुमन की तरह ट्रीट करेंगे और मेरे लिए एक पति की तलाश शुरू कर देंगे।"

महिला ने कहा, "मेरे पास उसके लिए कोई कानूनी सुरक्षा नहीं है, जो मैं हूं। मेरी शादी को भारत में पहचान ही नहीं मिलेगी। वहां हमें छुपाना होगा कि हम क्या हैं? ब्रिटेन में हम अपने पारिवारिक जीवन का आनंद उठाते हैं।"

कपल के बैरिस्टर एस शेल्वन ने कहा, "यह एक ऐतिहासिक फैसला है। क्योंकि यह कोर्ट ऑफ अपील में पहला मामला है जिसमें समलैंगिक प्रवासियों के हकों के संतुलन करने की आवाज उठाई गई। जिससे उन्हें प्रवासन नियंत्रण और आर्थिक हितों के लिए ब्रिटेन में कानूनी पहचान और सुरक्षा मिल सके।"

कपल ने अब इस फैसले के खिलाफ ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में जाने का फैसला किया है।

*सांकेतिक तस्वीर