माल्या को सताया जेल का डर, अब बनाया ये नया बहाना

नई दिल्ली (8 जुलाई): भारतीय बैंकों से लोन लेकर लंदन में जा बसे शराब कारोबारी विजय माल्या को वापस देश लाने में मोदी सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। यही वजह है कि मामले की ताजा सुनवाई को दौरान माल्या के वकील ने ब्रिटिश कोर्ट में भारतीय जेलों की बुरी स्थिति की बात कही।


लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान माल्या के वकील ने कहा कि प्रत्यर्पण को चुनौती देने के लिहाज से भारत में जेलों की बुरी हालत भी एक महत्वपूर्ण बिंदु है। दरअसल, संभावना यह है कि भारत वापसी पर माल्या को मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में रखा जाएगा।


राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'माल्या इंग्लैंड से भारत अपना प्रत्यर्पण रुकवाने के लिए कई तर्कों का सहारा ले रहे हैं। मुंबई का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कई घोटालों के सिलसिले में उनका बेसब्री से इंतजार कर रहा है। अगर केंद्र सरकार उन्हें मुंबई लाती है तो उनका पीछा कर रही एजेंसियां उन्हें अपनी हिरासत में ले लेंगी और उन्हें आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा क्योंकि उन्हें उच्च कोटि की सुरक्षा की जरूरत होगी। हम नहीं चाहते कि जेलों की स्थिति की वजह से उनका प्रत्यर्पण टल जाए। इसलिए, हमने केंद्र सरकार को तुरंत जवाब दे दिया।'


अधिकारी ने बताया कि मुंबई में जेलों की हालत बिल्कुल अच्छी है और बुनियादी मानवाधिकार का उल्लंघन कभी नहीं होता। हाल ही में वरिष्ठ जेल अधीक्षक (सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ जेल) के पद से रिटायर हुए विजय बेंद्रे ने कहा, 'मुंबई में हमारे पास पीटर मुखर्जी और छगन भुजबल जैसे बेहद हाई प्रोफाइल विचाराधीन कैदी हैं। एक और बड़े बिल्डर को भी यहीं रखा गया है।' उन्होंने कहा, '2009-2010 तक महाराष्ट्र में सर्वोत्तम व्यवस्था वाले जेल थे। अब भी हमारे जेल ऐसे बड़े रुतबे वाले कैदियों को रखने के लिहाज से बिल्कुल अच्छे हैं।'


माल्या के भारत प्रत्यर्पण को लेकर दो हफ्तों की सुनवाई की तारीख तय हो चुकी है। लंदन के वेंस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट्स कोर्ट को बताया जा चुका है कि भारत सरकार ने इससे जुड़े सारे साक्ष्य उपलब्ध करवा दिए हैं। इसी बिना पर कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई की तारीख 4 दिसंबर तय कर दी। तब तक माल्या को सशर्त जमानत मिली हुई है। उनकी अगली केस मैनेजमेंट हियरिंग 14 सितंबर को होगी। बचाव पक्ष को 17 नवंबर तक केस से जुड़ा 30 पन्नों का अपना पक्ष रखना होगा और भारत सरकार को 27 नवंबर तक इसका जवाब दाखिल करना होगा।