भारतीय कंपनियां ना यूज करें H-1B वीजा, अमेरिका के लोगों की ही दें नौकरी: नारायण मूर्ति

नई दिल्ली(3 फरवरी): इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति ने भारतीय आईटी कंपनियों को

एच-1बी वीजा यूज न करने की सलाह दी है। मूर्ति के मुताबिक इन कंपनियों को यूएस में लोकल लेवल पर हायरिंग करनी चाहिए।

- उधर भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि अभी ट्रम्प ने एच-1वी वीजा के एक्जिक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत नहीं किए हैं। ऐसा होता है तो सरकार उस पर रियेक्ट करेगी।

- इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति ने कहा है कि इंडियन आईटी कंपनियों को एच-1बी वीजा का इस्तेमाल बंद करके लोकल लेवल पर हायरिंग करने पर फोकस करना चाहिए।

- उन्होंने कहा कि मल्‍टीकल्‍चरल बनना बहुत ही ज्‍यादा मुश्किल होता है।

- मूर्ति ने हिदायत दी कि अमेरिका में माैजूद इंडियन आईटी कंपनियों को अमेरिकीयों को नौकरी पर रखना चाहिए।

- उन्होंने कहा कि जो कंपनियां कनाडा में या फिर ब्रिटेन में हैं, तो उन्‍हें भी उन देशों के सिटिजंस को नौकरी पर रखना चाहिए। यही एक रास्‍ता है, जिसके जरिए हम मल्‍टीनेशनल कंपनी बन सकते हैं।

- ऐसा करने के लिए जरूरी है कि एच1-बी वीजा का यूज न किया जाए। हमें इस वीजा के जरिए यूएस में इंडियन प्रोफेशनल्‍स को भेजना बंद करना होगा।

- नारायण मूर्ति ने कहा कि भारतीयों का माइंडसेट हमेशा आसान रास्‍ता अपनाने का होता है।

- उन्होंने कहा कि कॉलेजेस से रिक्रूटमेंट की जानी चाहिए। लोकल लोगों को ट्रेनिंग देकर भारतीय कंपनियों को अपनी अहमियत बढ़ानी चाहिए।

- नारायण मूर्ति ने कहा कि अगर यूएस गवर्नमेंट एच-1बी वीजा को लेकर कोई ऑर्डर पासभी करती है, तो इसे एक मौके के तौर पर लिया जाना चाहिए।

- इसे एक कमी के तौर पर न देखकर भारतीय कंपनियों को मल्‍टीकल्‍चरल होने के मौके के तौर पर देखना चाहिए।

- उन्‍होंने कहा कि नए यूएस एडमिनिस्‍ट्रेशन में भारतीय कंपनियों को गैर-भारतीयों के साथ काम करना सीखना होगा।