इंग्लैण्ड की कंपनियों में बढ़ी हिंदुस्तानियों की हिस्सेदारी

नई दिल्ली (29 अप्रैल): ब्रिटेन में भारतीय कंपनियों का निवेश 2015 में करीब 65 प्रतिशत बढ़ा और अमेरिका तथा फ्रांस के बाद भारत इस देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत बना गया है। यहां जारी की गयी एक रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है। रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में तीव्र-वृद्धि दर्ज करने वाली भारतीय कंपनियों की संख्या साल भर पहले के 36 की तुलना में बढ़कर 62 हो चुकी है।

इस श्रेणी में ऐसी कंपनियों को रखा गया है जिनका कारोबार 10 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रहा है। ग्रांट थार्नटन यूके एलएलपी द्वारा भारतीय उद्योग मंडल के साथ मिल कर प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया कि तीव्र वृद्धि वाली भारतीय कंपनियों का कुल कारोबार 2015 में बढ़कर 26 अरब पाउंड हो गया जो 2014 में 22 अरब पाउंड था। ग्रांट थार्नटन यूके एलएलपी में दक्षिण एशियाई समूह प्रमुख अनुज चंदे ने कहा, 'इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि भारतीय कंपनियों का ब्रिटेन में निवेश का स्तर ऊंचा है। 2015 में भारत से यहां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 65 प्रतिशत बढ़ा जिससे ब्रिटेन के लिए भारत एफडीआई का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत बन गया है