ISIS से जंग : 1,000 से ज्यादा नौजवानों के पासपोर्ट रद्द करने की तैयारी

प्रशांत देव, नई दिल्ली (12 जुलाई): भारत सरकार और खुफिया एजेंसियों ने देश के करीब एक हजार से ज्यादा नौजवानों का पासपोर्ट रद्द करने की तैयारी कर ली है। ये फैसला ISIS के मंसूबों को खत्म करने के लिए गया है। उन नौजवानों का पासपोर्ट रद्द करने की तैयारी है जिनके खिलाफ पक्के सबूत मिल चुके हैं कि वो संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं और ISIS में शामिल होने के लिए देश छोड़कर जा सकते हैं।

हिंदुस्तान को इस वक्त सबसे बड़ा खतरा है दुनिया के सबसे क्रूर आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से। ISIS भारत में पैर पसारने की पूरी कोशिश कर रहा है। इस बात के निशान भी मिल चुके हैं कि ISIS नौजवानों को किस कदर भड़का रहा है। लेकिन अब भारत सरकार और खुफिया एजेंसियों ने ISIS को झटका देने की तैयारी कर ली है। 

आईएसआईएस के प्रति भारत के युवाओं के बढ़ते आकर्षण से केंद्र सरकार बहुत चिंतित है और इनसे निबटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिये हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार अगले कुछ दिनों में एक हजार से ज्यादा युवाओं के पासपोर्ट रद्द करेगी जिनके बारे में शक है कि वो आईएएआईएस के बहकावे में आकर उनकी टीम में शामिल होने जा सकते हैं। इसके अलावा लगभग एक हजार युवकों के पासपोर्ट को निगरानी में रख दिया है जिनके बारे में सरकार को अंदेशा है कि वो रैडिकल तत्वों के संपर्क में हैं।

जो हजार नौजवान खुफिया एजेंसियों के रेडार में आए हैं, इनमें से ज्यादातर जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, केरल और महाराष्ट्र के हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि ताकि ये नौजवान ISIS के बहकावे में आकर भारत छोड़कर ना जा सकें। हाल ही में केरल से 17 नौजवान गायब हो गए, इनमें 3 लड़कियां भी हैं। इनके बारे में अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। खबर है कि ये नौजवान देश छोड़ चुके हैं और ISIS में शामिल होने के मकसद से ही गायब हुए हैं।

सरकार इस बात को लेकर भी परेशान है कि हाई अलर्ट पर रहने के बावजूद ये सारे युवक किस रह देश से बाहर निकल गये और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घटना के बाद सरकार इनपर नजर रखने के लिए बनायी गयी मॉनिटरिंग सिस्टम की भी नये सिरे से समीक्षा कर रही है। इस महीने के तीसरे हफ्ते में सभी सुरक्षा,खुफिया एजेंसियों के अलावा प्रभावित राज्यों के डीजीपी को भी बुलाया गया है।

जो नौजवान खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं सरकार ने इन सभी संदिग्धों पर लगातार नजर रखने के लिए संबंधित राज्यों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है। इनपर पुख्ता संदेह होने पर सबसे पहले इनका पासपोर्ट रद्द करने की रणनीति बनाई गई है। ताकि ये विदेश ना जा सकें।