गोल्फर चौरसिया का बड़ा आरोप, रियो में IOA ने खिलाड़ियों के साथ नौकरों जैसा किया बर्ताव

कोलकाता (22 दिसंबर): भारत के शीर्ष गोल्फर और रियो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले एसएसपी चौरसिया केंद्रीय खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ यानी IOA बेहद नराज नजर आ रहे हैं।  एसएसपी चौरसिया का आरोप है कि खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ ने ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए खर्च हुए 30 लाख रुपये देने का वादा किया था जिसका अबतक भुगतान नहीं किया गया है।

एसएसपी चौरसिया ने रियो ओलंपिक के दौरान IOA  अधिकारियों के अपने प्रति रवैये को ऐसा बताया है कि मानो खिलाड़ी उनके (अधिकारियों) के नौकर हैं। रियो के अनुभव को भुतहा बताते हुए चौरसिया गुस्से से फट पड़े। उन्होंने कहा, वहां कोई इंतजाम नहीं था, वाहनों के अरेंजमेंट से लेकर वहां जमा देने वाली ठंड और लगातार बारिश के बावजूद आईओए अधिकारियों ने हमारे लिए एक छाते या रेनकोट तक का इंतजाम नहीं किया। वे ऐसे व्यवहार कर रहे थे, माना वे 'मालिक' हैं और हम 'नौकर' हैं। हमें एयरपोर्ट पर चार घंटे इंतजार करने के लिए कहा गया। इसके बाद लाहिड़ी तो खुद ही आ गए। हम बेहद बुरा महसूस कर रहे हैं। अब हम ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने से पहले दो बार सोचेंगे।

चौरसिया ने मीडिया से कहा कि रियो ओलंपिक को खत्म हुए चार महीने बीतने और दर्जनों बार पेपरवर्क पूरा करने के बावजूद पूरे विश्व में लगभग 16 खिताब जीत चुके लाहिड़ी को एक पैसा भी नहीं मिला है, जबकि वह खुद किसी तरह 5.5 लाख रुपये हासिल करने में सफल रहे हैं। लाहिड़ी को कह दिया गया कि वह कागजात जमा करने की डेडलाइन मिस कर चुके हैं। मैं भी अपने एक दोस्त की बदौलत 5.5 लाख रुपये हासिल कर पाया, जिसने दिल्ली में कार्यालयों के कई बार चक्कर काटकर मेरे बिल जमा करा दिए।

इस साल हीरो इंडियन ओपन और रिसॉर्ट वल्र्ड मनीला मास्टर्स गोल्फ जीतने वाले चौरसिया ने कहा कि मेरे पास वो पत्र है, जिसमें उन्होंने 30 लाख रुपये का खर्च देने का वादा किया है, लेकिन रियो ओलंपिक खत्म होने के बाद हमें कहा गया कि यह अमाउंट घटाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने हम इस मुद्दे पर लगातार बाजा बजाना पसंद नहीं करेंगे, क्योंकि हमें और भी कठिन असाइनमेंट पर ध्यान लगाने की जरूरत है। हालांकि चौरसिया ने यह भी कहा कि हमारे पास अभी आशा की एक किरण बाकी है, क्योंकि कुछ दिन पहले खेल मंत्रालय की तरफ से एक ई-मेल भेजकर दोबारा कागजात जमा कराने को कहा गया है।