जैश-ए-मोहम्मद संगठन के थे मारे गए आतंकी, पाक नागरिक होने के भी मिले सबूत

उरी (18 सितंबर): उरी में सेना कैंप पर हमले के बारे में जानकारी देते हुए डीजीएमओ रणबीर सिंह ने बताया कि चारों आतंकियों को मार गिराया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यह सभी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से संबंध रखते थे।

डीजीएमओ ने मीडिया कांफ्रेंस करके इस बात की जानकारी दी...

- सभी 4 आतंकियों को मार गिराया गया। - मारे गए आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से संपर्क रखते थे और पाकिस्तान के नागरिक हैं। - आतंकियों के पास से 4 एके 47 राइफल, ग्रनेड और भारी मात्रा में दूसरे विस्फोटक बरामद किए गए। - इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। - जैश-ए-मोहम्मद संगठन मौलाना मसूद अहजर का है। उसने 2000 में इसकी स्थापना की है। - मारे गए सभी आतंकियों के पास से पाकिस्तान का सामान बरामद किया है। - विस्फोट के बाद टैंट में आग लगने से हमारे 13-14 जवान शहीद हुए।

- कैंप पर करीब 5:30 बजे भारी मात्रा में फायरिंग की गई। - इसके बाद 8.30 बजे गोलीबारी के चलते कैंप में आग लग गई।