बजट में 3.41 लाख करोड़ देश की रक्षा के लिए

नई दिल्ली (1 मार्च): साल के नए रक्षा बजट में  कुल 3.41 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गाय है।  जिसमें  से 82 हजार करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि पूर्व सैनिकों की एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के लिए रखी गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोकसभा में पढ़े गए अपने भाषण में रक्षा क्षेत्र के लिए बजटीय प्रावधान की घोषणा नहीं की थी।

पिछले कई वर्षों में यह पहला मौका है जब बजट भाषण में रक्षा क्षेत्र का उल्लेख नहीं किया गया। बाद में जारी आधिकारिक आंकड़ों में कहा गया है कि यदि ओआरओपी के पैसे को अलग रखा जाए तो रक्षा क्षेत्र के लिए 2.57 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पिछले बजट में यह राशि 2.46 लाख करोड़ थी। रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित राशि कुल सकल घरेलु उत्पाद का 2.18 प्रतिशत के बराबर है।

रक्षा मंत्रालय से सबंद्ध संसद की स्थायी समिति की रक्षा बजट को कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के ढाई से तीन प्रतिशत करने की निरंतर सिफारिशों के बावजूद इस बार भी यह जीडीपी के 2.18 फीसदी के बराबर है। रक्षा मंत्रालय ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए आवंटित राशि में से 11 हजार करोड़ रुपए की राशि लौटा दी है जो रक्षा मंत्री के लिए राहत की बात है। सशस्त्र सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए इस बार 89,819 करोड़ रुपए की राशि रखी गई है। यह अलग बात है कि सेनाएं इस मद की राशि को पूरी तरह खर्च नहीं करती है।