मोदी-जिनपिंग की मुलाकात का असर, दोनों सेनाओं के अधिकारियों ने की पर्सनल मीटिंग

नई दिल्ली (02 मई): पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हाल में हुई अनौपचारिक वार्ता के बाद सीमा पर तनाव कम करने के प्रयास तेज हो गए हैं। मंगलवार को भारत और चीन की सेनाओं ने लद्दाख के चुसुल इलाके में बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (बीपीएम) की। नियंत्रण रेखा पर शांति कायम रखने के लिए दोनों पक्षों ने संकल्प लिया। 

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच वुहान शहर में हुई वार्ता के बाद यह इस तरह की पहली बैठक है। दोनों नेताओं ने सुरक्षा से जुड़े मसलों पर तनाव बढ़ने से रोकने के लिए सामरिक संवाद को मजबूती देने पर सहमति जताई थी। 

बीपीएम की यह बैठक लद्दाख के चुसुल इलाके में हुई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह रस्मी बैठक थी और बैठक के दौरान सीमा प्रबंधन के मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही विवादित सीमा पर तनाव को कम करने और अविश्वास को पाटने के उपायों पर यह बातचीत केंद्रित रही।

सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्ष भारतीय सेना के सैन्य ऑपरेशंस महानिदेशक (डीजीएमओ) और उनके चीनी सेना में समकक्ष अधिकारी के बीच लंबे समय से अधूरी पड़ी हॉटलाइन संपर्क की व्यवस्था बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे। बता दें कि सरकारी डाटा के अनुसार, चीनी सेना ने वर्ष 2016 में 273 बार करीब 4000 किलोमीटर लंबी भारतीय सीमा में घुसपैठ की, जबकि वर्ष 2017 में ये संख्या बढ़कर 426 हो गई थी। इसी दौरान दोकलम में दोनों देशों की सेनाएं करीब 73 दिन तक आमने-सामने डटी रही थीं।