यह हैं हिन्दुस्ता के बाल बहादुर...

नई दिल्‍ली (24 जनवरी): भारत को वीर सपूतों की धरती यूं ही नहीं कहते। न जाने इस मादरे वतन की कोख से कितने ऐसे बहादुर बच्चे हर दिन जन्म लेते हैं, जिन पर न सिर्फ उनके माता-पिता बल्कि पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। ऐसे बच्चों की बहादुरी को सम्मानित करने का मौका होता है राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार। इस साल भी हिंदुस्तान के कोने कोने से देश के 25 बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिया गया है।

आज देश के कोने कोने से आए 25 बच्चों को वीरता पुरस्कार दिया गया, जिनमें 3 लड़कियां और 22 लड़के हैं। अर्जुन, दिशांत और कशिश के बाद भारत की बाल बहादुर बालाओं ने जो कर दिखाया उससे न सिर्फ परिवार और उनके शहर बल्कि पूरे हिंदुस्तान का नाम रोशन हो गया।  

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जो बदकिस्मती से अब इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन अपनी जान न्यौछावर करके उनकी बहादुरी ने दूसरे लोगों को नई जिंदगी दी है। नागपुर के एक ऐसे ही बच्चे गौरव सहस्रबुद्धे को वीरता पुरस्कार का सबसे बड़ा पुरस्कार दिया गया है।

देखिए पूरी रिपोर्ट:

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