''भारतीय अरबपतियों की दौलत देश की 15% GDP के बराबर, गरीब हो रहा है और गरीब''

नई दिल्ली ( 22 फरवरी ): भारत में अमीर और गरीब के बीच असमानता बढ़ी है। भारतीय अरबपतियों की दौलत देश की 15 फीसदी जीडीपी के बराबर पहुंच गई है। इसके लिए सरकारों की एकतरफा नीतियां जिम्मेदार हैं। गैरसरकारी संगठन ऑक्सफेम ने भारत से संबंधित एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें यह बातें कहीं गई हैं।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में असमानता बीते तीन दशकों से बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, हालत यह है कि देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 15 प्रतिशत हिस्सा भारतीय अरबपतियों के खाते में है। रपट में इन हालात के लिए सरकारों की असंतुलित नीतियों को जिम्मेदार बताया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में रईसों ने देश में बनाई संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा ‘सांठ-गांठ वाले पूंजीवाद’ या ‘बपौती’ में हासिल किया है। वहीं इनकम पिरामिड के नीचे के तबके का आय में हिस्सा लगातार कम होता जा रहा है। 

ऑक्सफेम इंडिया की सीईओ निशा अग्रवाल का कहना है कि ये असमानताएं 1991 के बहुप्रचारित उदारीकरण के दौरान अपनाए गए सुधार पैकेजों तथा उसके बाद अपनाई गई नीतियों का परिणाम हैं।’ रपट में कहा गया है कि ताजा अनुमानों के अनुसार भारतीय अरबपतियों की कुल संपत्ति देश की जीडीपी के 15 प्रतिशत के बराबर है। यह कुल पांच साल पहले ही जीडीपी के 10 प्रतिशत के बराबर थी। इसे अनुसार 2017 में भारत में 101 अरबपति थे जिनकी हैसियत 65 अरब रुपए या उससे अधिक है।