सेना वजन घटाने पर सख्त, मोटे सैनिकों का नहीं होगा प्रमोशन और विदेशों में पोस्टिंग

नई दिल्ली ( 31 मार्च ): देश के सैनिकों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है कि वो हमेशा स्वस्थ और दुरूस्त रहें। भारतीय सेना ने जून से मोटापे के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ने जा रही है। जो सैनिक, या ऑफिसर मेडिकल की भाषा में मोटे माने जाएंगे उनके प्रमोशन पर रोक लग जाएगी, विदेशों में उनकी पोस्टिंग नहीं हो पाएगी।


यही नहीं ये मोटापा जवानों को कई अवॉर्ड से भी दूर रख सकता है। मोटापा दूर करने के अपने एक्शन प्लान पर काम करते हुए सेना के हेडक्वार्टर ने देश भर में सभी यूनिट्स को निर्देश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक उन सभी सैनिकों और अधिकारियों का रिकॉर्ड बनाने को कहा गया है जिनका वजन आइडियल बॉडी वेट से 10 फीसदी ज्यादा है।


सेना ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मोटे सैनिकों का पता लगाने के लिए सरप्राइज विजिट, स्पॉट चेक का सहारा लेने को कहा है। एक अंग्रेजी की अखबार के मुताबिक वेतन वृद्धि के लिए होने वाले आकलन में सैनिक के दूसरे रिकॉर्डस के साथ साथ उसकी फोटो भी लगायी जाएगी, जिससे सैनिक के शारीरिक गठन का पता लगाया जा सके। जिन सैनिकों का वजन आइडियल बॉडी वेट के दायरे में नहीं आएगा उन्हें विदेशों में किसी तरह की पोस्टिंग नहीं दी जाएगी, इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना का हिस्सा बनने की जो हसरत हर सैनिक में होती है, मोटा होने पर इस शांति सेना के लिए भी उस जवान का चयन नहीं हो सकेगा। यहीं नहीं देश में भी ऐसे जवान को अच्छी पोस्टिंग नहीं मिलेगी।


सेना के इन प्रावधानों के लागू होने के बाद सैनिकों और अधिकारियों का मोटापा उनके प्रमोशन की राह में भी रोड़ा बन जाएगा। अगर किसी जवान का वजन तय मापदंड से 10 फीसदी ज्यादा है तो रिकॉर्ड ऑफिस तबतक उसके प्रमोशन ऑर्डर जारी नहीं करेगा जबतक वो व्यक्ति अपना आदर्श वजन हासिल न कर ले।


सेना का ये नियम उन जवानों पर भी लागू होगा जो युद्ध सेना की नॉन कॉम्बैट शाखा से आते हैं। इसके तहत मेडिकल कॉर्प्स, डिफेंस सिक्युरिटी कॉर्प्स, और टेरिटोरियल आर्मी के जवानों को भी अपने वजन को तय सीमा के अंदर ही रखना पड़ेगा। इस नियम से छूट सिर्फ उन्हीं सैनिकों को मिलेगी जिन्हें युद्ध के दौरान चोट लगी हो।