परिवार से मिला जवान चंदू, बताई पाकिस्तान के जुल्मों दास्तां

नई दिल्ली (31 जनवरी): पिछले साल 29 सितंबर को गलती से एलओसी पार करने वाला भारतीय जवान चंदू चौहान अपने परिवार से मिला। यहां पर उन्होंने पाकिस्तान के जुल्मों की जो दास्तां बताई, उसे सुनकर रूह तक कांप जाए।

चंदू को पाकिस्तानी सेना ने 21 जनवरी को रिहा कर दिया था। चंदू के भाई भूषण ने बताया कि चंदू को पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने बुरी तरह टॉर्चर किया। चंदू को कभी सोने नहीं दिया गया और उसे पूरी गिरफ्तारी के दौरान अंधेरे कमरे में अकेले रखा जाता था। बता दें कि भूषण भी सेना में तैनात हैं।

- चंदू ने गिरफ्तारी के बाद पहली बार 21 जनवरी को वाघा सीमा पर रोशनी देखी।

- चंदू को लगातार कुछ ड्रग्स दिए जाते थे और उसके बाद उससे सेना के कई अधिकारी पूछताछ करते थे।

- ड्रग्स के प्रभाव से चंदू भ्रम वाली स्थिति में चला जाता था।

- उसे लगातार पीटा जाता था, उसकी आंखों पर पट्टी बांधकर सेना के एक कैंप से दूसरे कैंप में ले जाया गया।

- चंदू की अंगुली टूट गई है और घुटने में चोट है।

- चंदू फिलहाल सामान्य है लेकिन वह मानसिक तौर पर काफी सदमे में है और उसके रिकवर होने में वक्त लगेगा।