अब घाटी नहीं बचेंगे आतंकी, सेना का डबल अटैक ऑपरेशन शुरू

श्रीनगर (12 मई): जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी अब अपनों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम के लेफ्टिनेंट उमर फयाज की आतंकियों ने हत्या कर दी, क्योंकि 23 साल के लेफ्टिनेंट उमर फयार दक्षिणी कश्मीर के युवाओं को राष्ट्रभक्ति की पाठ पढ़ा रहे थे।


अब सेना अपने अफसर की मौत का बदला लेने और दक्षिणी कश्मीर में मौजूद 200 आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी कर चुकी है। आतंकियों की जड़े काटने के लिए सेना, पुलिस और सुरक्षाबलों ने एक डबल अटैक ऑपरेशन शुरू किया है यानी आतंकियों का बचना अब नामुमकीन है।


इन दिनों ज़्यादातर दक्षिणी कश्मीर के चार जिलों शोपिया, पुलवामा, कुलगाम और अन्त्नाग में मौजूद हैं, जिससे दक्षिणी कश्मीर के हालात ज़्यादा खराब हैं। हालात को काबू करने के लिए सेना लेफ्टिनेंट की मौत के बाद ऑपरेशन तेज़ कर दिया है। ये आतंकी बैंक लूट, नेताओं और पुलिस के जवानों को निशाना बनाते हैं। साथ ही सेना से जुड़े स्थानीय लोगों को भी टारगेट करते हैं और कुछ लोगों की मदद से आसानी से भागने में कामयाब हो जाते हैं।


सेना का कहना है कि लेफ्टिनेंट की मौत कश्मीरियों को आतंकवाद के खिलाफ खड़ा करने में एतिहासिक लम्हा साबित होगा। आतंकियों को मौत की घाट उतारने के लिए पिछले 36 घंटे से सुरक्षा के जवान लगातार शोपिया, पुलवामा और कुलगाम के इलाकों में दबिश दे रहे हैं। साथ ही आतंकियों को मिलने वाली मदद के रास्ते को भी बंद करने में जुटी है ताकि पूरी तरह से आतंकियों का सफाया किया जा सके।