VIDEO: भारतीय सेना के इस जज्बे को देखकर पाकिस्तान भी हुआ हैरान, अब कर रहा है सलाम

Indian Army 

आसिफ सुहाफ, न्यूज 24 ब्यूरो, श्रीनगर ( 12 जुलाई): भारतीय सेना की बहादुरी और जांबाजी की कहानी दुनिया भर में मशहूर है। भारतीय सेना दुश्मनों के लिए जितना कठोर और बेरहम है वह इंसानियत और मानवता के मामले में उतना ही रहम दिल। इसका एक और उदाहरण जूम्मू-कश्मीर में गुरुवार को उस वक्त देखने को मिला जब पाक अधिकृत कश्मीर की ओर से नीलम नदी में एक आठ साल के बच्चे का शव बरामद हुआ। मौके पर मौजूद सैन्यकर्मियों ने बच्चे के बारे में तफ्तीश की। तफ्तीश करने पर पता चला की बच्चा पीओके की तरफ से बहकर आया है। इसके बाद भारतीय सेना ने मानवता को सर्वोपरि रखते हुए प्रोटोकॉल तोड़कर बच्चे के शव को पाकिस्तान की सेना को सौंप दिया। भारतीय सेना के इस पहल से मौके पर मौजूद पाक सैन्यकर्मी और स्थानीय लोग भी हैरान थे। मौके पर मौजूद तमाम लोगों ने तहे दिल से भारतीय सेना का शुक्रिया अदा किया।  

दरअसल जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में गुरुवार को बांदीपोरा जिले की किशनगंगा नदी में एक आठ साल के बच्चे का शव बरामद हुआ। यह बच्चा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर निवासी था। पिछले कई दिनों से वह लापता था। भारतीय सेना ने मानवता को ध्यान में रखते हुए बच्चे के शव को बरामद कर पाकिस्तानी सेना के जरिए उसके परिवारिजनों को लौटाया है। भारत-पाक सीमा पर कश्मीर के बांदीपोरा जिले के अचूरा गांव से बहने वाली किशनगंगा नदी में पीओके निवासी आठ वर्षीय आबिद शेख का शव बरामद हुआ। स्थानीय लोगों ने नदी में शव तैरता देख पुलिस और स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची सेना ने शव को नदी से बाहर निकाला।Indian Armyशव का हुलिया देखकर उसकी पहचान पाक निवासी के रूप में की गयी। मानवीयता को सर्वोप‍रि रखते हुए भारतीय सेना ने बच्‍चे को शव को पाक के हवाले करने का फैसला किया। भारतीय सेना ने इसकी सूचना हॉटलाइन पर पाकिस्तान प्रशासन को दी। जिसके बाद बच्चे की पहचान गिलगिट के मूल निवासी के रूप में हुई। मृत बच्चे के परिवारिजनों ने भारतीय सेना से उसके शव को वापस लौटने की मांग की। जिसके बाद सेना ने निर्धारित प्रोटोकॉल तोड़कर पाकिस्तान सेना से फ्लैग मीटिंग करके बच्चे के शव को उन्हें सौंप दिया। मृत बच्चे के परिवार ने भारतीय सेना के प्रति आभार व्यक्त किया।  ऐसा पहली बार नहीं हो हुआ है जब भारतीय सेना ने मानवता पेश किया है। अकसर नदी से बहकर आने वाले शवों को भारतीय सेना पाकिस्तान को सौंप देती है। इस सात साल के बच्चे के माता पिता ने भारतीय सेना से बच्चे के शव को तुरंत देने की अपील की और भारतीय सेना ने मानवीय आधार पर तत्काल मान लिया गया।