पाकिस्तान के बिछाए जाल में फंस गए भारतीय जवान!


नई दिल्ली(2 मई): सोमवार को भारतीय सेना के जिस गश्तीदल में शामिल 2 जवानों को पाकिस्तानी स्पेशल फोर्सेस ने मारा और उनकी लाश को क्षत-विक्षत किया, उनके बारे में एक नई जानकारी सामने आई है।


- रिपोर्ट के मुताबिक, संभावना है कि ये सैनिक अनजाने में दुश्मन के बिछाए जाल में खुद चलकर गए और फंस गए। यह वारदात जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा के पास स्थित कृष्णा घाटी में हुई।


- सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) का एक संयुक्त गश्तीदल यहां पट्रोलिंग के लिए पहुंचा था। खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि शायद पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सीमा में घुसकर वहां कुछ बारूदी सुरंगें बिछाई हैं। इसी की तफ्तीश के लिए जवान यहां पहुंचे थे।


- बारूदी सुरंगों की तलाश करते हुए यह पट्रोलिंग दल उस समय हैरान रह गया, जब उसने देखा कि पाकिस्तान की बॉर्डर ऐक्शन टीम (BAT) भारतीय सीमा में करीब 250 मीटर तक अंदर घुसकर घात लगाए बैठी थी। जहां पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना की 2 फॉरवर्ड चौकियों पर रॉकेट और मोर्टार बम से हमला किया, वहीं उनकी BAT के जवान भारतीय सैनिकों के इंतजार में घात लगाकर बैठे रहे।


- भारतीय सेना का गश्तीदल पाकिस्तानी गोलीबारी की चपेट में आ गया और इसी कारण 2 जवान शहीद हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक  जवानों के शहीद होने के बाद पाकिस्तानी BAT के सैनिक वहां पहुंचे और उन्होंने दोनों शहीदों के शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया। पाकिस्तानी सेना ने इस इलाके में बारूदी सुरंग बिछाया या नहीं, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।


- BSF के निदेशक के के शर्मा ने केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि से मुलाकात कर उन्हें पूरी घटना की ब्रीफिंग दी। मारे गए जवानों में से एक BSF का है।


- जम्मू में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'यह पाकिस्तानी सेना का सोची-समझा ऑपरेशन था। उन्होंने अपनी बॉर्डर ऐक्शन टीम को भारतीय इलाके में करीब 250 मीटर अंदर भेजा और हमला करने से पहले वे लंबे समय तक घात लगाकर छुपे रहे।'


- अधिकारी ने बताया, 'उनका निशाना भारतीय सेना की गश्तीदल के 7-8 जवान थे। ये जवान बारूदी सुरंगों की तलाश करने के लिए अपनी पोस्ट से बाहर आए थे।' अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ होने पर पट्रोलिंग टीम के सदस्य बचाव के लिए दौड़े। इन्हीं में से 2 जवानों को पाकिस्तानी BAT ने अपना निशाना बनाया।


- BSF की 200वीं बटैलियन के हेड कॉन्स्टेबल प्रेम सागर और सेना की 22 सिख रेजिमेंट के नाइब सूबेदार परमजीत सिंह इस घटना में पाकिस्तानियों के शिकार बने। BAT को खासतौर पर नियंत्रण रेखा के आर-पार की जाने वाले सैन्य कार्रवाई का जिम्मा सौंपा जाता है। पाकिस्तानी BAT में सबसे प्रमुख भूमिका वहां के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) की होती है। इनकी सबसे प्रमुख जिम्मेदारी नियंत्रण रेखा पर अपना वर्चस्व बनाए रखना और चुपके से धोखा देकर सैन्य ऑपरेशन्स करना होता है। इससे पहले भी कई मौकों पर पाकिस्तानी BAT हमला कर चुकी है और इसने कई मौकों पर भारतीय जवानों के सिर काटे हैं व उनका मृत शरीर क्षत-विक्षत किया है।