30 साल बाद सेना को मिली नई तोपें, पोखरण में आज होगा परीक्षण

नई दिल्ली(18 मई):  इंडियन आर्मी को करीब 30 साल बाद नई तोपें मिलेंगी। गुरुवार को अमेरिका के बीएई सिस्टम से मिली दो 155 एमएम/39 कैलिबर अल्ट्रा लाइट हॉविटजर्स तोपों का राजस्थान के पोखरण स्थित फायरिंग रेंज में परीक्षण किया जाएगा।

- भारतीय सेना साल 2020 तक 169 रेजिमेंट में 3503 तोपों को शामिल करना चाहती है। इन तोपों में भारत में निर्मित अत्याधुनिक तोपों भी शामिल होंगी। हालांकि भारतीय तोपों का निर्माण कार्य तय मियाद से पीछे चल रहा है।

- जिन दो एम777  हॉविटजर्स तोपों का पोखरण में परीक्षण होगा उनसे विभिन्न प्रकार के आयुधों का इस्तेमाल करके देखा जाएगा। इन तोपों को भारतीय वातावरण में भारतीय आयुधों को दागने लायक बनाया गया है। 

- अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया की सेनाएं पहले ही एम777  हॉविटजर्स तोपों का प्रयोग कर रही हैं। इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में ये तोपें तैनात हैं।

- इन दो एम777  हॉविटजर्स तोपों के बाद सितंबर 2018 में भारतीय सेना को तीन और एम777  हॉविटजर्स तोपों मिलेंगी। उसके बाद मार्च 2019 से लेकर जून 2021 तक हर महीने पांच नई एम777  हॉविटजर्स तोपें भारतीय सेना को मिलेंगी।

- सेना के सात तोपखानों को सेवा देने वाली ये तोपें 24 किलोमीटर से लेकर 40 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होंगी। तोपों की मारक क्षमता इस बात पर निर्भर होगी कि उनमें कैसा आयुध प्रयोग किया जा रहा है।

- 25 एम-777  हॉविटजर्स तोपों को सीधे भारती सेना में शामिल कर लिया जाएगा। वहीं 145 में से 120 तोपों को भारत में महिंद्रा डिफेंस द्वारा असेंबल किया जाएगा। एम-777  हॉविटजर्स तोपों का आधुनिक डिजाइन उन्हें संकरे और पहाड़ी रास्तों पर ले जाने लायक बनाता है। पाकिस्तान और चीन से लगी भारतीय सीमा के भौगोलिक परिस्थितियों के देखते हुए ये तोपें काफी उपयोगी होंगी।

- एम-777  हॉविटजर्स तोपों को भारी वजन उठा सकने वाले चिनूक हेलीकॉप्टर्स से सीधे मोर्चे पर भी पहुंचायी जा सकती हैं। भारत ने अमेरिका से C130J सुपर हर्कुलिस चिनूक हेलीकॉप्टर्स की खरीद का सौदा कर किया है। ये हेलीकॉप्टर एक बार में दो एम-777  हॉविटजर्स तोपों को उठाकर युद्ध के मोर्चे तक पहुंचा सकते हैं।