भारतीय वायुसेना का 'गगनशक्ति' अभ्यास, 72 घंटों में सीमा पर भरीं 5000 उड़ानें

नई दिल्ली (17 अप्रैल): डोकलाम विवाद और सरहद पर चीन के आक्रमक तेवर के बीच भारत लगातार उत्तर-पूर्वी सीमा पर अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटा है। इसी कड़ी में भारतीय वायुसेना इन दिनों आसमान में 'गगनशक्ति' कर रही है। जानकारी के मुताबिक इस अभ्यास के दौरान वायुसेना की विमानों ने सरहद के पास 72 घंटे में 5000 के करीब उड़ाने भरी। ये युद्धाभ्यास उत्तरकाशी जिल के चिन्यालीसौड, हर्षिल व मातली में सैन्य अभ्यास किया गया। इस दौरान आसमान में विमान और हेलीकॉप्टरों के शोर की गूंजती रही। 

वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह 1986-1987 के ऑपरेशन ब्रासस्टैक्स या 2001-2002 में ऑपरेशन पराक्रम के बाद हुआ सबसे बड़ा अभ्यास है, जब भारत लगभग संसद पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ युद्ध करने के लिए तैयार हो गया था। पाकिस्तान और चीन सीमा पर संभावित खतरे से निपटने के लिए कम से कम 42 फाइटर स्क्वाड्रोन्स की जरूरत है, लेकिन अभी खेमे में केवल 31 होने के बाद भी वायु सेना इस एक्सरसाइज की मदद से खुद को तैयार कर रही है। 

सीमा पर 1,150 सैनिकों, विमानों, हेलीकॉप्टर और ड्रोन्स के साथ-साथ सैकड़ों एयर-डिफेंस मिसाइल, रेडार, निगरानी के लिए और अन्य इकाइयां उच्च-वोल्टेज अभ्यास के लिए तैनात की गई हैं। यह एक्सरसाइज आर्मी और नौसेना की सक्रिय भागीदारी के साथ हो रही है।