पहली बार परेड में दिखेगा तेजस, बीकानेर से भरेंगे उड़ान

नई दिल्ली (25 जनवरी): गणतंत्र दिवस के मौके पर पहली बार भारत का लड़ाकू विमान तेजस उड़ान भरेगा। यह चीन और पाकिस्तान के साक्षा उपक्रम से बने जेएफ-17 से कहीं ज्यादा बेहतर है।

ये खूबियां हैं तेजस की...

- तेजस 50 हजार फीट तक उड़ सकता है। दुश्मन पर हमला करने के लिए इसमें हवा से हवा में मार करने वाली डर्बी मिसाइल लगी है तो जमीन पर निशाने लगाने के लिए आधुनिक लेजर गाइडेड बम लगे हुए हैं।

- पुराने मिग 21 से कही ज्यादा आगे है और मिराज 2000 से इसकी तुलना कर सकते हैं।

- यह चीन और पाकिस्तान के साक्षा उपक्रम से बने जेएफ-17 से कहीं ज्यादा बेहतर है।

- तेजस का फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम जबरदस्त है। तेजस 50 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है।

- 1350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेजस एक उड़ान में 2,300 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है, जबकि जेएफ-17 2,037 किलोमीटर की दूरी।

- तेजस जहां 3000 किलो विस्फोटक और बम लेकर उड़ सकता है, वहीं जेएफ-17 2,300 किलो लेकर ही जा सकता है।

- तेजस हवा में ही तेल भरवा सकता है पर जेएफ-17 ऐसा नहीं कर सकता। सबसे अहम बात यह है कि तेजस 460 मीटर चलने के बाद ही हवा में उड़ सकता है, जबकि चीनी विमान को ऐसा करने के लिए 600 मीटर की दूरी तय करनी होती है।

- तेजस में लगे लेजर गाइडेड बम दुश्मन के ठिकाने पर सटीक निशाना लगा सकते हैं।

- तेजस को सीसीएम यानि क्लोज कॉम्बेट मिसाइल और बीबीएम बियॉन्ड विसुअल रेंज मिसाइल भी लैस किया गया है। विमान का ढांचा भी भारत में बने कार्बन फाइबर से बना है जो कि धातु की तुलना में कहीं ज्या दा हल्काढ और मजबूत होता है।  

- विमान में लगे सामान्यच सिस्ट म जिसमें ईंधन प्रबंधन से लेकर स्टीलयरिंग तक सब भारत में ही निर्मित हैं। एक महत्विपूर्ण सेंसर तरंग रडार, जो कि दुश्मंन के विमान या जमीन से हवा में दागी गई मिसाइल के तेजस के पास आने की सूचना देता है, भारत में ही बना है।