उत्तराखंड: समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में पुष्कर सिंह धामी सरकार उठाया बड़ा कदम, जानें

इससे पहले शुक्रवार को धामी ने पुष्टि की कि राज्य सरकार ने राज्य में यूसीसी को लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, "हमने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। गोवा के बाद उत्तराखंड इसे लागू करने वाला दूसरा राज्य होगा।"

उत्तराखंड: समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में पुष्कर सिंह धामी सरकार उठाया बड़ा कदम, जानें
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नई दिल्ली: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने शुक्रवार को राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने के लिए एक मसौदा समिति की घोषणा की।


समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई और दिल्ली उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली कर रहे हैं, जिसमें पूर्व राज्य मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, मनु गौड़ और सुरेखा डंगवाल सदस्य हैं।


एएनआई से बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, "चुनावों से पहले, हमने एक समान नागरिक संहिता को लागू करने की शपथ ली थी। चुनाव के बाद अपनी पहली बैठक के दौरान, हमने इसे सभी की सहमति से पारित किया। समिति जल्द ही एक मसौदा तैयार करेगी और हम इसे तुरंत लागू करेंगे।"


इससे पहले शुक्रवार को धामी ने पुष्टि की कि राज्य सरकार ने राज्य में यूसीसी को लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, "हमने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। गोवा के बाद उत्तराखंड इसे लागू करने वाला दूसरा राज्य होगा।"




धामी ने चंपावत में अपने संबोधन के दौरान आश्वासन दिया, "हम लोगों के लिए यूसीसी लाएंगे, चाहे वे किसी भी धर्म और समाज के वर्ग से हों।" इससे पहले 2 मई को, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी घोषणा की थी कि यूसीसी को जल्द ही राज्य में लाया जाएगा।


गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में UCC को लेकर बहस चल रही है। हाल ही में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने भी यह कहकर इसका समर्थन किया कि मुस्लिम महिलाओं के अधिक हित में यूसीसी को लागू किया जाना चाहिए अन्यथा बहुविवाह जारी रहेगा।


इस बीच, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने इसे 'एक असंवैधानिक और अल्पसंख्यक विरोधी कदम' करार दिया, और कानून को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकारों द्वारा महंगाई, अर्थव्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी के कारण पैदा हुई चिंताओं से ध्यान हटाने का प्रयास बताया।


बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के 2019 के लोकसभा चुनाव घोषणापत्र में, भाजपा ने यूसीसी को लागू करने का वादा किया था।

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