Tamil Nadu: 'धर्मांतरण' के कारण खुदकुशी करने वाली छात्रा के मामला में अब CBI करेगी जांच

19 जनवरी को, तमिलनाडु के तंजावुर में कक्षा 12 की एक लड़की की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। बताया गया कि जबरन कमरे साफ करना व अन्य काम-काज करने के लिए मजबूर किए जाने के बाद लड़की ने 9 जनवरी को कीटनाशक पी लिया था। यह भी आरोप है कि छात्रा को ईसाई धर्म अपनाने के लिए भी मजबूर किया गया था।

Tamil Nadu: धर्मांतरण के कारण खुदकुशी करने वाली छात्रा के मामला में अब CBI करेगी जांच
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मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने तंजावुर छात्र आत्महत्या के मामले को सोमवार को सीबीआई को सौंप दिया है। बता दें कि आज ही राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की टीम मामले की जांच के लिए तंजावुर का दौरा कर रही है और सीबीआइ को भी आज ही ये मामला सौंपा गया।


19 जनवरी को, तमिलनाडु के तंजावुर में कक्षा 12 की एक लड़की की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। बताया गया कि जबरन कमरे साफ करना व अन्य काम-काज करने के लिए मजबूर किए जाने के बाद लड़की ने 9 जनवरी को कीटनाशक पी लिया था। यह भी आरोप है कि छात्रा को ईसाई धर्म अपनाने के लिए भी मजबूर किया गया था।


17 वर्षीय लड़की तंजावुर में सेंट माइकल्स गर्ल्स होम नामक एक बोर्डिंग हाउस में रह रही थी। उसने खुद को मारने के लिए कीटनाशक का सेवन किया। पता लगने पर उसको अस्पताल ले जाया गया और जब उसे होश आया, तो उसने डॉक्टरों को दुर्व्यवहार के बारे में बताया। पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसके बयान के आधार पर हॉस्टल वार्डन को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, इलाज का कोई असर नहीं होने पर 19 जनवरी को लड़की की मौत हो गई।



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तंजावुर स्कूल ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रबंधन ने कभी भी छात्रों की धार्मिक मान्यताओं में हस्तक्षेप नहीं किया। स्कूल ने भी जांच में पूरा सहयोग करने पर सहमति जताई। इस घटना के सामने आने और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप जब चर्चा में आए तो, सत्ताधारी द्रमुक ने आरोप लगाया कि भाजपा आत्महत्या को सांप्रदायिक रंग देने के लिए आग लगा रही है। सत्तारूढ़ द्रमुक और उसके सहयोगियों ने भाजपा पर नफरत फैलाने वाले प्रचार करने का आरोप लगाया।


जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने लड़की की आत्महत्या में धर्मांतरण कोण को खारिज करते हुए एक रिपोर्ट जारी है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 10 वर्षों में 2,290 ईसाई छात्रों और 179 मुस्लिम छात्रों की तुलना में 5,270 हिंदू छात्रों ने स्कूल में पढ़ाई की है। रिपोर्ट के अनुसार, डीओई ने 2010 से अब तक 16 बार स्कूल का दौरा किया है और उन्होंने किसी भी छात्र को धर्म परिवर्तन के बारे में शिकायत करते हुए नहीं पाया है। 


29 जनवरी को मद्रास HC की मदुरै बेंच ने मामले पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। पीठ पीड़िता के पिता द्वारा मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।


 31 जनवरी को मदुरै पीठ ने तंजावुर छात्र आत्महत्या मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने का आदेश पारित किया।



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