अग्निवीरों को पैरामिलिट्री फोर्स में भर्ती करने की बात एकदम झूठ: संजय सिंह

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार ने पैरामिलिट्री फोर्सेज में चयनित हजारों युवाओं को बेरोजगार छोड़ दिया है।

अग्निवीरों को पैरामिलिट्री फोर्स में भर्ती करने की बात एकदम झूठ: संजय सिंह
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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार ने पैरामिलिट्री फोर्सेज में चयनित हजारों युवाओं को बेरोजगार छोड़ दिया है। ऐसे में अग्निवीरों को पैरामिलिट्री फोर्स में भर्ती करने की बात एकदम झूठ है। पैरामिलिट्री फोर्सेज के लिए 2018 में लिखित, फिजिकल, मेडिकल पास करने वाले 4 हजार अभ्यर्थी नौकरी के लिए एक साल से आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में बताया कि पैरामिलिट्री फोर्सेज में 1.11 लाख पद खाली हैं, ऐसे में 4 साल से ये नौजवान ठोकर क्यों खा रहे हैं? यह इस बात का भी संकेत है कि जो लोग सारी परीक्षाएं पास कर चुके हैं, जब उनको आप नौकरी नहीं दे रहे हैं तो अग्निवीरों को सेवानिवृत्त होने के बाद क्या नौकरी देंगे। 


केंद्र सरकार कह रही है कि अग्निवीरों को सेना से निकलने के बाद अन्य नौकरियों में प्राथमिकताएं मिलेगी, हकीकत यह है कि हमारे दो फीसदी पूर्व सैनिकों को ही नौकरियां मिल पाई हैं। संजय सिंह ने कहा कि चार साल के बाद सभी 100 फीसदी अग्निवीरों को निकाल कर बाहर कर दिया जाएगा। 25 फीसदी की श्रेणी में आने के लिए दोबारा से आवेदन करना होगा। अग्निवीरों को शहीद का दर्जा नहीं मिलेगा और चार साल बाद कैंटीन, पेंशन, मेडिकल की सुविधा भी नहीं मिलेगी। यदि कोई एक दिन का भी सांसद-विधायक बन जाता है तो पूरे जीवन पेंशन मिलती है। 






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इन अग्निवीरों को पेंशन से भी वंचित कर दिया गया है, जिसको पुलिस में जाना होगा वह 4 साल तक खून पसीना बहा कर तैयारी नहीं करेगा, वह सीधे पुलिस में जाएगा। कैलाश विजयवर्गीय का बयान भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है कि इनका बेटा अमेरिका में पढ़कर डॉक्टर और इंजीनियर बनेगा। अग्निवीर 4 साल देश की सेवा करने के बाद बीजेपी के दफ्तर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करेगा।


आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने रविवार को नॉर्थ एवेन्यू में महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। सांसद संजय सिंह ने कहा कि मैं आज आपकी मुलाकात उन अभ्यर्थियों से कराना चाहता हूं जिन्होंने पैरामिलिट्री फोर्सेज, आइटीबीपी, सीआरपीएफ, असम राइफल और बीएसएफ सहित तमाम पैरामिलिट्री फोर्सेज के लिए लिखित, फिजिकल, मेडिकल पास किया है। 2018 में 60 हजार भर्तियां निकाली गईं थी, जिनमें 55912 लोगों को रखा गया और 4 हजार अभ्यर्थियों को सड़क पर बेरोजगार छोड़ दिया। 


इसके खिलाफ इन्होंने 1 साल तक जंतर मंतर पर आंदोलन चलाया। इसके अलावा 72 दिन नागपुर में संविधान चौक पर अनशन किया और पिछले 19 दिनों से नागपुर से लेकर लगातार पदयात्रा के माध्यम से दिल्ली आ रहे हैं। इनकी पदयात्रा 19 दिन चल चुकी है। बाकी अभ्यर्थी दिल्ली में आंदोलन, अनशन कर रहे हैं। इनके बहुत सारे साथी नागपुर से दिल्ली के लिए पदयात्रा कर रहे हैं। यह कोई अलग की चीज नहीं मांग रहे हैं, यह तो कह रहे हैं कि पीएम मोदी आप की सरकार ने 2018 में पैरामिलिट्री फोर्सेज की 60 हजार भर्ती  निकाली थी। उसका हमने लिखित, फिजिकल, मेडिकल पास कर लिया। ऐसे में हमको आपने सड़क पर क्यों छोड़ रखा है। ये 4 हजार लोग आज भी अपने अपॉइंटमेंट के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और आमरण अनशन कर रहे हैं। 


गृहमंत्री से मुलाकात करने गए तो धक्के मार के भगा दिया


सांसद संजय सिंह ने कहा कि इनके साथ एक बार नहीं अनेक बार धोखा हुआ है। सरकार के मंत्री अठावले जाते हैं और इनका अनशन तुड़वाते हैं। उस वक्त कहते हैं घर आ जाना, गृहमंत्री से मुलाकात कराएंगे। समस्या का समाधान हो जाएगा। जब यह नौजवान घर पहुंचते हैं तो उनको धक्के मार के भगा दिया जाता है, गृहमंत्री से मुलाकात नहीं होती है। देश के गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से सदन में सवाल पूछा जाता है कि पैरामिलिट्री फोर्सेज में कितनी भर्तियां खाली हैं तो वो कहते हैं कि 1.11 लाख भर्तियां खाली है। पीएम मोदी से सवाल है कि अगर 1.11 लाख भर्तियां खाली है तो 4 साल से ये नौजवान ठोकर क्यों खा रहे हैं।


उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जो कल से लगातार टीवी चैनल पर बैठ बैठ के चिल्ला रहे थे कि अग्निवीर से जो निकलेगा उसको पैरामिलिट्री में रखेंगे। इन युवाओं को पहचानिए यह वह युवा हैं जिन्हें लिखित, फिजिकल मेडिकल पास करने के बाद भी मोदी सरकार ने आज तक नहीं रखा है। ऐसे में यह सरकार अग्नि वीरों को कितना बड़ा झूठ और धोखा देने जा रही है। यह इस बात का भी संकेत है कि जो लोग सारी परीक्षाएं पास कर चुके हैं, जब उनको आप नौकरी नहीं दे रहे हैं तो अग्निवीरों को सेवानिवृत्त होने के बाद आप क्या नौकरी देंगे। ये 4 हजार बच्चे चीख-चीख कर आप से सवाल पूछ रहे हैं मोदी और गृह मंत्री झूठ बोलना बंद करो। तुम अग्निवीरों को नहीं रखोगे। जिनका चयन हुआ है उनको तो रख नहीं पा रहे हैं।


सांसद जसवीर सिंह के सवाल पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का जवाब मिला कि ये चार हजार भर्तियां कैरी फॉरवर्ड कर दी गई है। पीएमओ से जवाब आ रहा है और आरटीआई में कहा जा रहा है हमें कुछ पता नहीं है। पीएमओ कह रहा है कि जो 4 हजार पद खाली है, उसमें अभ्यर्थी पात्र नहीं हैं। गृह राज्य मंत्री जिनको इस विभाग को देखना है वो कह रहे है इन्हें कैरी फॉरवर्ड कर दिया है। इतना ड्रामा, धोखा, विश्वासघात इन नौजवानों के साथ किया जा रहा है


ऐसे मैं सरकार से मांग करना चाहता हूं कि 2018 के इन अभ्यर्थियों के साथ धोखा न करो। किसानों के घरों के 4 हजार नौजवान दर दर की ठोकरें खा रहे हैं। नागपुर से पदयात्रा कर रहे हैं और 72 दिन का अनशन कर चुके हैं।  एक साल का आंदोलन कर चुके है। अब इनको और मत तरसाओ इनको स्थायी नौकरी दे दो। 


पीएम मोदी ने सेना को अपने मित्रों के लिए सिक्योरिटी गार्ड सेंटर बनाया


राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि अग्निवीरों की चर्चा हो रही है तो मैं इसकी हकीकत बताता हूं। मैं बार बार कह रहा हूं पीएम मोदी ने सेना को अपने प्राइवेट मित्रों और प्राइवेट कंपनियों के लिए सिक्योरिटी गार्ड सेंटर बना दिया है। वहां से निकलने वाला नौजवान जो 4 साल की नौकरी करके निकलेगा, जिसको कोई रोजगार नहीं होगा तो वो कटोरा लेके सड़कों पर भीख मांगेगा या आत्महत्या करेगा। इसके अलावा कहीं न कही प्राइवेट कंपनी में जाकर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करेगा। क्योंकि हाई स्कूल और इंटर पास करके जो अग्निवीर बनेगा, उसको आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर की नौकरी मिलने वाली तो नहीं है। लेकिन सिक्योरिटी गार्ड की 8 से 10 हजार रुपए की नौकरी जरूर मिल जायेगी। अब इसमें जो सरकार का दावा है कि 10 लाख रुपए मिल जायेगा और उनकी तकदीर बदल जायेगी। 


अग्निवीर योजना की हकीकत के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि जितने भी अग्निवीर हैं 4 साल के बाद उनको निकाल कर 100 प्रतिशत को बाहर कर दिया जाएगा। इसके बाद दोबारा से आवेदन करना होगा 25 फीसदी की श्रेणी में आने के लिए। जितनी पोस्ट उस समय होंगी, उसकी वरीयता के हिसाब से अधिकतम 25 फीसदी तक लोगों को लिया जाएगा। लेकिन 25 प्रतिशत की बाध्यता नहीं है। यह 10 से 12 फीसदी भी हो सकता है, अधिकतम लिमिट 25 फीसदी है।


दूसरी बात कह रहे कि 10 लाख रुपए मिलेंगे। यह कस्टमाइज मंथली पैकेज देखिए जिसमें 30 हजार रुपए लिखा हुआ है। इसके बाद इन हैंड पेमेंट 70 फीसदी, यानि 21 हजार रुपए,  अग्निवीर कार्पस फंड में योगदान 9 हजार रुपए।  इसका मतलब अग्नि वीरों की सैलरी में से 9 हजार रुपए लेंगे पीएम मोदी काट लेंगे। तुम्हारे 30 हजार में से 9 हजार हम रखेंगे और उसमें 9 हजार सरकार मिलाएगी। दूसरे साल में 33 हजार तनख्वाह में से 23100 रुपए इन हैंड मिलेंगे। इसके अलावा 9900 रुपए की कटौती होगी‌ और 9900 रुपए सरकार मिलाएगी। तीसरे साल में 25550 इन हैंड मिलेंगे। इसके अलावा 10500 की कटौती होगी और 10500 सरकार मिलाएगी। चौथे साल में 40 हजार तनख्वाह होगी, जिसमें से 28 हजार इन हैंड मिलेगा। 12 हजार की कटौती और 12 हजार सरकार मिलाएगी। 


यानि कि अग्निवीर की तनख्वाह का 5 लाख काट के रखोगे और 5 लाख अपनी तरफ से मिलाओगे। ऐसे में  करीब उन लोगों को सिर्फ 10.40 लाख के आसपास मिलेगा। इसमें यह भी लिखा हुआ है की अग्नि वीरों को शहीद का दर्जा नहीं मिलेगा और उनके परिवार को कोई पेंशन नहीं दी जाएगी। 4 साल के बाद जब वह अग्निवीर बनकर निकलेंगे तो उनके लिए कैंटीन की सुविधा, रैंक, पेंशन की सुविधा भी नहीं होगी। 


अग्निवीरों को पेंशन से भी किया वंछित 


आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा के नेता चिल्ला चिल्ला कर इसकी खूबियां बता रहे हैं कि 1 दिन का सांसद-विधायक कोई बन जाता है तो पूरे जीवन उनको पेंशन मिलती है। इन अग्नि वीरों को पेंशन से भी वंछित कर दिया इनको 4 साल के बाद कैंटीन, मेडिकल की सुविधा भी नहीं मिलेगी। अगर ड्यूटी पर शहीद हो गए तो शहीद का दर्जा भी नहीं मिलेगा। वहीं एक जवान जब सेना में तैयार होता है तब उसकी 1 साल की ट्रेनिंग होती है। पीएम मोदी कह रहे हैं कि देश की सेना के शौर्य और क्षमता से समझौता करेंगे।  छह महीने में इन अग्नि वीरों को ट्रेनिंग देकर खड़ा कर देंगे। सेना का जवान जो 1 साल में ट्रेनिंग लेकर तैयार होता है, उसकी 1 साल की ट्रेनिंग को आप 6 महीने की कर रहे हो। यह देश की सेना की क्षमता और गौरव को कम करने की कार्रवाई नहीं है क्या? यह अग्निवीर योजना नौजवानों के साथ एक बहुत बड़ा धोखा है। अगर इतनी अच्छी यह योजना है तो सबसे पहला लाभ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को मिलना चाहिए।


उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री, भाजपा के मुख्यमंत्रियों, विधायकों और सांसदों के बेटों को इस योजना में शामिल करो। इनके बेटे 4 साल बाद जब कटोरा लेकर सड़क पर घूमेंगे तह आपको इस योजना की हकीकत पता चल जाएगी। आज आपने 21 हजार रुपए हाथ में देकर ड्रामा कर रहे हैं। ‌पहले साल सिर्फ 21000 दूसरे साल 23000 तीसरे साल 25000 और चौथे साल 27000 की तनख्वाह दे रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री से मांग करता हूं की गुफा में मत रहिए, ऐसे वक्त में गुफा में रहना ठीक नहीं है। गुफा से बाहर आइए। पूरा देश जल रहा है नीरो बंशी बजा रहा है। यह व्यवस्था चल नहीं पाएगी। 


ब्राजील के फुटबॉलर का हाथ टूटता है तो आपके पास उसके लिए ट्वीट करने के लिए समय है। देश का नौजवान सड़कों पर निकल कर आंदोलन कर रहा है लेकिन आपके मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा है। इस काले कानून को वापस लीजिए। पहले उनको 19 साल की नौकरी, जीवन भर की पेंशन, कैंटीन,  मेडिकल की सुविधाएं जो मिल रही हैं उन्हीं तरह की नौकरी दीजिए। 


उन्होंने कहा कि अभी कह रहे हैं कि चिंता मत करना पैरामिलिट्री फोर्स में भी 10 फीसदी का आरक्षण देंगे। 46 हजार अग्निवीर हर साल रखे जाएंगे। इनमें से करीब 34,500 बाहर कर दिए जाएंगे। इनमें से पैरामिलिट्री फोर्स में 10 फ़ीसदी अग्निवीर लिए जाएंगे, लेकिन 10 फ़ीसदी का मतलब यह नहीं है कि 3400 ले लिए जाएंगे। बल्कि जितनी भर्ती पैरामिलिट्री फोर्स की निकलेगी उसका 10 फ़ीसदी लिए जाएंगे। 


भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने वाले सिर्फ 2 फ़ीसदी सैनिकों को मिली नौकरियां 


राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि इसके अलावा कह रहे हैं कि पुलिस, होम गार्ड, अडानी के यहां सिक्योरिटी गार्ड में भर्ती हो जाइए। यूपी पुलिस ने जो भर्तियां निकाली हैं, उसके लिए युवा आंदोलन कर रहे हैं उनको तो आप भर्ती दे नहीं पा रहे हैं। अब सीएम योगी कह रहे हैं कि हम अग्नि वीरों को पुलिस में भर्ती कर लेंगे । जिसको मध्य प्रदेश पुलिस में, यूपी पुलिस में जाना होगा, वह 4 साल तक अपना खून पसीना बहा कर सड़क और गांवों में तैयारी नहीं करेगा, वह सीधे यूपी पुलिस में जाएगा। इसलिए यह पूरा जो सच है वह देश के सामने आना जरूरी है। 


यह कह रहे हैं कि सेना से निकलने के बाद बड़ी प्राथमिकताएं मिलेंगी। जबकि अब तक जो हमारे पूर्व सैनिक निकलते रहे हैं उनको मात्र 2 फ़ीसदी नौकरियां मिल पाई हैं। यह दावा जो लोग कर रहे हैं कि यह लोग खाली नहीं बैठेंगे तो 20c करोड नौजवानों की फौज में से हर साल 46 हजार अग्निवीर बनाएंगे और 34500 को सड़क पर बेरोजगार छोड़ देंगे। ऐसे में वह क्या करेंगे, क्योंकि आपने रेल, सेल, कोल, बीपीसीएल, बैंक, एलआईसी, सड़क, बिजली, पानी सहित पूरा हिंदुस्तान तो बेच दिया। ऐसे में वहां आपके निजी मित्रों की कंपनियों में सिक्योरिटी गार्ड बन जाएंगे। आर्मी से जो ट्रेनिंग लेकर आएंगे उनके पास हथियार की ट्रेनिंग होगी। ऐसे में आप सोचिए कितनी बड़ी संख्या में हथियार के ट्रेंड बेरोजगारों की फौज खड़ी कर रहे हैं। वह इस हताशा में देश में क्या करेंगे, इसकी कल्पना करना भी बहुत मुश्किल है। 


मोदी सरकार 17 साल में एक नौजवान को सैनिक बना रही है और 21 साल में पूर्व सैनिक बना दे रही है। यह कौन सी व्यवस्था और न्याय है। ढिंढोरा पीट रहे है कि 10 लाख रुपए मिलेगा। जबकि हकीकत यह है कि उन्हीं का पैसा उन्हीं को काट कर दे रहे हैं। नौजवानों से क्यों झूठ बोल रहे हैं। यह कहने वाले कि अग्निवीरों को पैरामिलिट्री में रखेंगे वह बताएं कि जिन्होंने परीक्षा पास की है उनको क्यों नहीं रख रहे हैं?






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अगर इन्होंने रिटर्न, फिजिकल, मेडिकल सब कुछ पास किया और आपके पास रिक्तियां थी क्योंकि 60 हजार भर्तियां निकाली। तो इनमें से 4 हजार लोगों को क्यों छोड़ दिया। क्योंx सड़क पर घूम रहे हैं। इनको क्यों अनशन और आंदोलन करना पड़ रहा है और क्यों जंतर मंतर पर बैठना पड़ रहा है। आपके पास भर्तियां भी हैं। पैरामिलिट्री फोर्स में 1 लाख 11 हजार पद खाली हैं। गृह राज्य मंत्री का बयान मैंने दिखाया। आखिर इनके साथ ऐसा धोखा क्यों किया जा रहा है। इसलिए जो भी चिल्ला कर कह रहे हैं कि अग्नि वीरों को रखेंगे वह बताएं कि जिन्होंने परीक्षा पास की है उनको तो रख नहीं रहे हैं, तुम कहां से अग्नि वीरों को रखेंगे। पैरामिलिट्री फोर्स में जिन्होंने परीक्षा दी और पास किया उनको नहीं रखा जा रहा है।


इनकी वही मानसिकता है कि इनका बेटा अमेरिका में पढ़कर डॉक्टर और इंजीनियर बनेगा। करोड़ों का पैकेज लेगा। अग्नि वीर जो 4 साल की सेवा करके आएगा वह भारतीय जनता पार्टीc के दफ्तर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करेगा। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे को भेजें, मैं अपनी तनख्वाह से 8 से 10 हजार की सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दे दूंगा। भाजपा को शर्म नहीं आती है। उनको नाम दे रहे हैं अग्निवीर और उन से काम कराओगे भारतीय जनता पार्टी की दरबानी का। किसान, गरीब और मजदूर का बेटा आप के दफ्तर के बाहर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करेगा और तुम्हारा बेटा अमेरिका में करोड़ों का पैकेज लेकर घूमेगा। कैलाश विजयवर्गीय का बयान दर्शाता है कि सरकार की मानसिकता क्या है। सेना को सिक्योरिटी गार्ड ट्रेनिंग सेंटर बनाया जा रहा है।








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