पंजाब: कैप्टन अमरिंदर सिंह का नवजोत सिद्धू पर तीखा तंज, सुप्रीम कोर्ट से सजा मिलने के बाद कहा- ठोको ताली

34 साल पुराने रोड रेज मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवजोत सिंह सिद्धू को एक साल की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरुवार को तंजभरी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

पंजाब: कैप्टन अमरिंदर सिंह का नवजोत सिद्धू पर तीखा तंज, सुप्रीम कोर्ट से सजा मिलने के बाद कहा- ठोको ताली
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नई दिल्ली: 34 साल पुराने रोड रेज मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवजोत सिंह सिद्धू को एक साल की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरुवार को तंजभरी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कैप्टन अमरिंदर द्वारा 2021 में स्थापित 'पंजाब लोक कांग्रेस' के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से 'ठोको ताली' लिखा गया है। बता दें कि बीते कुछ वर्षों के दौरान क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू इस प्रसिद्ध संवाद का इस्तेमाल कॉमेडी शो में करते आए हैं।



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क्या है पूरा मामला


यह मामला लगभग 34 साल पुराना है। नवजोत सिद्धू और उनके दोस्त का पटियाला में पार्किंग को लेकर झगड़ा हो गया है। झगड़े में 65 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई थी। दरअसल 27 दिसंबर 1988 की शाम सिद्धू अपने दोस्त रूपिंदर सिंह संधू के साथ पटियाला के शेरावाले गेट की मार्केट में पहुंचे। ये जगह उनके घर से 1.5 किलोमीटर दूर है। सिद्धू का अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू हुए एक साल ही हुआ था। मार्केट में कार पार्किंग को लेकर उनकी 65 साल के बुजुर्ग गुरनाम सिंह से कहासुनी हो गई। बात हाथापाई तक जा पहुंची। सिद्धू ने गुरनाम सिंह को घुटना मारकर गिरा दिया। पुलिस बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट में आया कि गुरनाम सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। 


पुलिस ने नवजोत सिंह सिद्धू और उनके दोस्त रुपिंदर सिंह सिद्धू के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। साल 2002 में पंजाब सरकार ने सिद्धू के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। इसी बीच सिद्धू राजनीति में आ गए। 2004 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर सीट से बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़े और जीत गए। 


साल 2006 में हाईकोर्ट ने इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू को तीन साल कैद की सजा और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट से मिली सजा के खिलाफ नवजोत सिद्धू सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। सुप्रीम कोर्ट ने 16 मई 2018 को सिद्धू को गैर इरादतन हत्या के आरोप में लगी धारा 304IPC से बरी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ अब मृतक के परिवार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। उनकी मांग है कि हाईकोर्ट की तरह सिद्धू को 304IPC के तहत कैद की सजा होनी चाहिए।





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सिद्धू ने कहा- कानून के आगे झुकेंगे


58 वर्षीय नवजोत सिद्धू को एक साल के "कठोर कारावास" की सजा काटने के लिए अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ेगा। देश में बढ़ती महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख ने ट्वीट किया, "कानून की महिमा के आगे झुकेंगे..."। 





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