'पटना से बाहर नहीं जाएं JDU के विधायक', सीएम नीतीश कुमार के फरमान से बिहार में सियासी हलचल

बिहार में सियासत फिर से करवट ले सकती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सभी विधायकों को पटना नहीं छोड़ने का फरमान सुनाया है। इसके बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है।

पटना से बाहर नहीं जाएं JDU के विधायक, सीएम नीतीश कुमार के फरमान से बिहार में सियासी हलचल
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पटना: बिहार में सियासत फिर से करवट ले सकती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सभी विधायकों को पटना नहीं छोड़ने का फरमान सुनाया है। इसके बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। नीतीश कुमार के इस फरमान के बाद ये चर्चा चल रही है की नीतीश कुमार कुछ बड़ा उलटफेर कर सकते हैं। हालांकि JDU के कई विधायकों ने इसका खंडन किया है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी के नेताओं और विधायकों के साथ लगातार मुलाकातें कर रहे हैं। सीएम नीतीश की सक्रियता को देखते हुए  सियासी उलटफेर की चर्चा भी तेज हो गई है। क्या नीतीश कुमार एक बार फिर से पलटी मारकर बीजेपी से अलग होकर आरजेडी के साथ सरकार बनाने की योजना बना रहे हैं? 


सूत्रों का कहना है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जाति आधारित जनगणना को लेकर एक सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे। सीएम ने कहा कि जाति आधारित जनगणना को लेकर सभी की राय लेने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया जाएगा। 27 (मई) को बैठक आयोजित करने के लिए कुछ दलों के साथ बातचीत हुई, लेकिन कुछ की प्रतिक्रिया का इंतजार है।


बता दें कि बिहार में जातिगत जनगणना को लेकर राजनीति तेज है। एक तरफ जहां जनगणना को लेकर JDU औक RJD साथ नजर आ रही है, तो BJP इसके समर्थन में नहीं हैं। इसको लेकर बार-बार चर्चाएं तेज हैं। मुख्यमंत्री की तरफ से 27 मई की तारीख तय की गई है।


नीतीश कुमार ने 27 को होने वाली मीटिंग में हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM ) के सुप्रीमो व बिहार के पूर्व CM जीतन राम मांझी को भी बुलाया है। इससे पहले तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद भी नीतीश कुमार ने ये बात कही थी कि वे सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस पर निर्णय लेंगे। एक महीने के घटनाक्रम देखें तो तीन ऐसे मौके आए, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक साथ नजर आए। इन मुलाकातों के दौरान दोनों एक दूसरे के साथ सहज नजर आए हैं।



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