यूरोपीय देशों के 'हाय तौबा' के बाद भारत ने गेहूं निर्यात पर बैन में दी ढील

वाणिज्य मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "यह तय किया गया है कि जहां कहीं भी गेहूं की खेप को जांच के लिए सीमा शुल्क को सौंप दिया गया है और 13 मई को या उससे पहले उनके सिस्टम में पंजीकृत किया गया है, ऐसी खेपों को निर्यात के लिए अनुमति दी जाएगी।

यूरोपीय देशों के हाय तौबा के बाद भारत ने गेहूं निर्यात पर बैन में दी ढील
x

नई दिल्ली: भारत सरकार ने गेहूं के निर्यात पर लगाए गए बैन में कुछ ढील देने की घोषणा की है। वाणिज्य मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "यह तय किया गया है कि जहां कहीं भी गेहूं की खेप को जांच के लिए सीमा शुल्क को सौंप दिया गया है और 13 मई को या उससे पहले उनके सिस्टम में पंजीकृत किया गया है, ऐसी खेपों को निर्यात के लिए अनुमति दी जाएगी।


भारत सरकार ने मिस्र की ओर जाने वाली गेहूं की खेप को भी अनुमति दी, जो पहले से ही कांडला बंदरगाह पर लोड हो रही थी। इसके बाद मिस्र सरकार द्वारा कांडला बंदरगाह पर लदान किए जा रहे गेहूं के माल की अनुमति देने का अनुरोध किया गया। मेसर्स मेरा इंटरनेशनल इंडिया प्रा. लिमिटेड, मिस्र को गेहूं के निर्यात के लिए लगी कंपनी ने भी 61,500 मीट्रिक टन गेहूं की लोडिंग पूरी करने के लिए एक प्रतिनिधित्व दिया था, जिसमें से 44,340 मीट्रिक टन गेहूं पहले ही लोड किया जा चुका था और केवल 17,160 मीट्रिक टन लोड किया जाना बाकी था। सरकार ने 61,500 मीट्रिक टन की पूरी खेप की अनुमति देने का फैसला किया और इसे कांडला से मिस्र जाने की अनुमति दी है।





और  पढ़िए – भारत ने लगाया निर्यात पर प्रतिबंध, यूरोपियन बाजार में गेहूं के लिए 'मारामारी', कीमत सातवें आसमान पर




केंद्र ने शनिवार को तत्काल प्रभाव से गेहूं की सभी खेप पर रोक लगा दी थी। उच्च प्रोटीन ड्यूरम और सामान्य नरम ब्रेड किस्मों सहित सभी गेहूं के निर्यात को "मुक्त" से "निषिद्ध" श्रेणी में ले जाया गया। पिछले एक वर्ष में गेहूं और उसके आटे की खुदरा कीमतों में 14-20 प्रतिशत की वृद्धि होने के बाद खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।


प्रतिबंध के बाद, सोमवार को वैश्विक बाजार खुलने पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगभग 6 प्रतिशत प्रति बुशल (60 पाउंड या 10 लाख कर्नेल या 27.21 किलोग्राम) की वृद्धि हुई। स्थानीय स्तर पर, विभिन्न राज्यों में कीमतों में 4-8 प्रतिशत की तेजी से गिरावट आई - राजस्थान में 200-250 रुपये प्रति क्विंटल, पंजाब में 100-150 रुपये प्रति क्विंटल और उत्तर प्रदेश में लगभग 100 रुपये प्रति क्विंटल। 







और  पढ़िए – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें








 

Click Here - News 24 APP अभी download करें

Next Story