किसान संगठनों ने सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, आज मनाएंगे 'विश्वासघात दिवस'

किसान संगठन एकबार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी में है। संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए आज देश भर में 'विश्वासघात दिवस' मनाने का फैसला किया है।

किसान संगठनों ने सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, आज मनाएंगे विश्वासघात दिवस
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नई दिल्ली: किसान संगठन एकबार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी में है। संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए आज देश भर में 'विश्वासघात दिवस' मनाने का फैसला किया है। किसान नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार के 9 दिसंबर 2021 के जिस पत्र के आधार पर आंदोलन स्थगित किया गया था, उनमें से कोई एक वादा पूरा नहीं किया है। इसके चलते जिला और तहसील स्तर पर रोष प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

 

किसान संगठनों का आरोप है कि केंद्र ने समझौते के बाद लिखित वादों को पूरा नहीं किया। इसलिए किसान आंदोलन से जुड़े संगठन प्रदर्शन कर केंद्र का ध्यान आकृष्ट करेंगे। किसानों ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से ज्यादा लंबा आंदोलन चलाया था। विवादित कानूनों की वापसी व सरकार के साथ समझौते के बाद आंदोलन खत्म हुआ था।  


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किसान संगठनों का दावा है कि यह प्रदर्शन देश के कम से कम 500 जिलों में आयोजित किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने 15 जनवरी को हुई अपनी बैठक में यह फैसला किया था। इन प्रदर्शनों में केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन भी दिया जाएगा।


भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता टिकैत का कहना है कि 9 दिसंबर को सरकार द्वारा किए गए वादों के पत्र के आधार पर दिल्ली की सीमाओं पर एक साल से अधिक समय से चल रहे विरोध को वापस ले लिया गया था, लेकिन वे वादे अधूरे रह गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों से वादाखिलाफी के खिलाफ कल 31 जनवरी को देशव्यापी "विश्वासघात दिवस" मनाया जाएगा। सरकार के 9 दिसंबर के जिस पत्र के आधार पर आन्दोलन स्थगित किया गया था, सरकार ने उनमें से कोई वादा पूरा नहीं किया है।


आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2021 में घोषणा की थी कि विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस ले लिया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने दिसंबर में दिल्ली की सीमाओं को खाली कर दिया। किसानों को एमएसपी समेत अन्य मुद्दों को भी हल करने का आश्वासन दिया गया था।


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