MPPSC प्रीलिम्स में पूछा गया क्या कश्मीर पाकिस्तान को दे देना चाहिए? बवाल होने पर आयोग ने कहा- नहीं होगा काउंट

भोपाल: मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग(MPPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रिलिम्स परीक्षा 19 जून 2022 को प्रदेश भर में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में पूंछे गए एक प्रश्न को लेकर बवाल इतना बढ़ गया कि अब प्रश्न को ही हटाया जा रहा है और पेपर बनाने वालों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

MPPSC प्रीलिम्स में पूछा गया क्या कश्मीर पाकिस्तान को दे देना चाहिए? बवाल होने पर आयोग ने कहा-  नहीं होगा काउंट
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भोपाल:  मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग(MPPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रिलिम्स परीक्षा 19 जून 2022 को प्रदेश भर में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में पूंछे गए एक प्रश्न को लेकर बवाल इतना बढ़ गया कि अब प्रश्न को ही हटाया जा रहा है और पेपर बनाने वालों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


दरअसल एमपीपीएससी द्वारा आयोजित इस परीक्षा में कश्मीर को लेकर एक विवादित सवाल पूंछा गया था। पेपर के ये सवाल किया गया था कि क्या भारत को कश्मीर को पाकिस्तान को दे देने का निर्णय कर लेना चाहिए ?  इस सवाल का उत्तर देने के लिए दो ऑप्शन भी दिए गए थे जिसमें पहला ऑप्शन था कि हां इससे भारत का बहुत सा धन बचेगा वहीं दूसरा ऑप्शन था कि नहीं ऐसे निर्णय से और भी मांगे बढ़ जाएंगी।


इस परीक्षा के प्रश्न पत्र के आउट होते ही जैसे ही लोगों ने इसे देखा तो हर तरफ बवाल हो गया। विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार के सरंक्षण में लोक सेवा आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान में देश को बांटने और कश्नीर को पाकिस्तान को दिए जाने जैसे मुद्दे पर रायशुमारी की जा रही है। कांग्रेस ने सरकार से पेपर बनाने वालों पर राजद्रोह के तहत कार्रवाई की भी मांग की। 


इस मामले पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और इस सवाल को आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले दो लोग थे। एक मप्र के हैं और दूसरा महाराष्ट्र का है। पीएससी ने पेपर सेट करने वाले दो लोगों को डिबार कर दिया है। इसकी जानकारी पूरे देश में दे दी गई है कि पीएससी इनसे कोई भी काम नहीं ले। पीएससी और उच्च शिक्षा विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।  


वहीं बवाल को बढ़ता देख एमपीपीएससी ने थोड़ी देर पहले नोटिफिकेशन जारी करते हुए इस प्रश्न को काउंट नहीं करने का ऐलान कर दिया है। आयोग ने ये भी कहा है कि इस प्रश्न को निर्धारित करने वाले पेपर सेटर पर आयोग गोपनीय रूप से कठोर कार्रवाई कर रहा है। हालांकि आयोग ने पेपर सेट करने वालों का नाम बताने से इंकार कर दिया हैं। 









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