सिद्धू मूसे वाला मर्डर केस में बड़ा खुलासा, गोली से नहीं होती मौत तो ये प्लान B था तैयार

सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। स्पेशल सेल ने मर्डर केस में शामिल दो शूटर और एक मॉड्यूल हेड को गिरफ्तार किया है और इनकी गिरफ्तारी से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

सिद्धू मूसे वाला मर्डर केस में बड़ा खुलासा, गोली से नहीं होती मौत तो ये प्लान B था तैयार
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नई दिल्ली: सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। स्पेशल सेल ने मर्डर केस में शामिल दो शूटर और एक मॉड्यूल हेड को गिरफ्तार किया है और इनकी गिरफ्तारी से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा ये कि अगर उस दिन मूसेवाला शूटर्स की गोली से बच भी जाता तो गैंगस्टर ने प्लान B तैयार किया था।


जी हां, स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी ने ये सनसनीखेज खुलासा तब किया है, जब वारदात के 22 दिन बाद मूसेवाला पर गोलियां बरसाने वाले शूटर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में आए। उनसे सख्ती से पूछताछ हुई और उनसे बेहिसाब हथियार बरामद हुए तो मर्डर के प्लान बी का सच सामने आ गया।


स्पेशल सेल ने 19 जून की सुबह मूसेवाला मर्डर केस में शामिल तीन मुख्य किरदारों पर शिकंजा कसा। इनमें






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आरोपी नंबर- 1
प्रियव्रत उर्फ फौजी
मॉड्यूल 1 का हेड था और गोल्डी बराड़ से सीधे संपर्क में था।

आरोपी नंबर- 2
कशिश उर्फ कुलदीप
शूटर और बोलेरा चला रहा था

आरोपी नंबर- 3
केशव कुमार
मर्डर के बाद शूटर्स के भागने में मदद की


दरअसल, मूसेवाला के मर्डर के बाद से स्पेशल सेल भी अपने स्तर पर एक्टिव थी। स्पेशल सेल की कई टीमें अलग अलग राज्यों में मूसेवाला के हत्यारों को तलाश रही थी, लेकिन कामयाबी 19 जून की सुबह मिली, जब स्पेशल सेल ने गुजरात के कच्छ में मुंद्रा पोर्ट के पास एक घर से आरोपियों को गिरफ्तार किया।


जब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ हुई तो कई और सनसनीखेज खुलासे हुए। स्पेशल सेल के मुताबिक इनमें से दो वो आरोपी हैं, जिन्होंने मूसेवाला पर फायरिंग की थी और मूसेवाला के मर्डर का प्लान बेहद पुख्ता था, जिसमें एके 47 राइफल तक का इस्तेमाल किया गया। स्पेशल सेल के मुताबिक मूसेवाला के मर्डर के लिए दो मॉड्यूल तैयार किये गये थे।


इनमें पहले मॉड्यूल के शूटर बोलेरो गाड़ी में सवार थे। इनमें प्रियव्रत उर्फ फौजी, कशिश उर्फ कुलदीप, अंकित सिरसा और दीपक मुंडी था। जबकि इस मॉड्यूल को प्रियव्रत हेड कर रहा था। दूसरे मॉड्यूल के शूटर कोरोला कार में सवार था। इसमें जगरूप उर्फ रूपा और मनप्रीत उर्फ मन्नु सवार थे और मन्नु मॉड्यूल लीड कर रहा था।


बकौल पुलिस मूसेवाला की जीप को ओवरटेक कर सबसे पहले गोली मन्नु ने एके-47 से चलाई थी और दोनों मॉड्यूल कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बरार के संपर्क में थे और हर पल की जानकारी गोल्डी बराड़ को दे रहे थे। पंजाब से करीब 10 हज़ार किमी दूर बैठे गैंगस्टर गोल्डी बरार को हर जानकारी मिल रही थी। यहां तक ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद जब मूसेवाला की मौत कंफर्म हो गई, तब प्रियव्रत उर्फ फौजी ने गोल्डी बरार को कॉल करके कहा कि काम हो गया है।


जिस दिन सिद्धू मूसेवाला का मर्डर हुआ..उस वक्त उनके सिक्योरिटी गार्ड साथ नहीं थे। लिहाजा, एके-47 और आधुनिक पिस्टल से फायरिंग करने के बाद सभी 6 शूटर मौके से फरार हो गये। इसके बाद इनकी मदद के लिए केशव कुमार नाम का शख्स सामने आया, जिसकी मदद से शूटर पहले फतेहाबाद पहुंचे और इसके बाद लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे ताकि पुलिस की निगाहों से बचते रहें। लगातार ठिकाने बदलने की वजह से आरोपी कई हफ्तों से भागने में कामयाब रहे।


बकौल पुलिस मर्डर करने के बाद मौके से फरार हुए शूटर्स की मदद केशव कुमार ने की, जिसने रास्ते में शूटर्स को दूसरी कार उपलब्ध कराई और इसी कार से आरोपी पहले फतेहाबाद पहुंचे। आरोपियों के गिरफ्त में आने के बाद बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ। दरअसल, स्पेशल सेल ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से भारी तादात में हथियार बरामद किये हैं, जिनमें 8 ग्रेनेड, बैरल ग्रेनेड लांचर, 9 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, 1 असॉल्ट राइफल, 20 जिंदा कारतूस, 3 स्टार पिस्टल और 36 जिंदा कारतूस थे।


मूसेवाला का मर्डर करने वाले इन शूटर से बरामद इन हथियारों को देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि मूसेवाला के मर्डर की साजिश कितनी पुख्ता थी। जिस तरह के आधुनिक और घातक हथियार स्पेशल सेल ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बरामद किये हैं, उससे साफ है कि सिद्धू मूसेवाला के मर्डर की साज़िश बहुत बड़े पैमाने पर बुनी गई थी और मॉड्यूल के संपर्क में खुद गैंगस्टर गोल्डी बरार बना हुआ था।


स्पेशल सेल ने खुलासा किया है..वारदात वाले दिन यानी 29 मई को सभी 6 शूटर एके 47 और आधुनिक पिस्टल के साथ मर्डर के इरादे से मानसा पहुंचे थे। इन हथियारों के अलावा उनके पास ग्रेनेड भी थे, जिन्हें बैकअप के लिए रखा गया था। बकौल पुलिस अगर गोलियां कम पड़ जाती या फिर मूसेवाला की मौत गोली से नहीं होती तो शूटर का प्लान ग्रेनेड से हमला करने का था, लेकिन वो किसी भी हाल में मूसेवाला को खत्म करने के इरादे से ही आए थे।







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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में दो मुख्य शार्प शूटर की गिरफ्तारी और मॉड्यूल हेड का स्पेशल सेल की गिरफ्त में आना पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है। वैसे, स्पेशल सेल इससे पहले गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा और काला जठेडी समेत दर्जनभर से ज्यादा गैंगस्टर अपनी हिरासत में ले चुकी है ताकि मूसेवाला मर्डर केस की हर पहलू से जांच कर सके।


स्पेशल सेल ने दो शूटर और एक मॉड्यूल हेड को गिरफ्तार कर मूसेवाला मर्डर केस से पर्दा उठा दिया है। हालांकि, हत्याकांड में शामिल कई शूटर अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस को यकीन है कि बहुत जल्द मूसेवाला का हर गुनहगार जल्द सलाखों के पीछे होगा।








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