अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक में की जम्मू-कश्मीर की स्थिति की समीक्षा, अमरनाथ यात्रा की तैयारियों पर भी नजर

उच्च स्तरीय बैठक में लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के साथ-साथ खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने दो साल बाद 30 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का भी जायजा लिया।

अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक में की जम्मू-कश्मीर की स्थिति की समीक्षा, अमरनाथ यात्रा की तैयारियों पर भी नजर
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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को केंद्र शासित प्रदेश में कश्मीरी पंडितों सहित कई लक्षित हत्याओं के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने कहा, 'उच्च स्तरीय बैठक में लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के साथ-साथ खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने दो साल बाद 30 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का भी जायजा लिया।'


12 मई को सरकारी कर्मचारी राहुल भट की आतंकवादियों ने बडगाम जिले में उनके कार्यालय के अंदर हत्या कर दी थी। कश्मीरी पंडित की मौत के एक दिन बाद, पुलिस कांस्टेबल रियाज अहमद ठोकर की पुलवामा जिले में उनके आवास पर आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।




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पिछले हफ्ते, जम्मू में कटरा के पास बस में आग लगने से चार तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी और कम से कम 20 घायल हो गए थे। पुलिस को आशंका है कि आग लगाने के लिए किसी बम का इस्तेमाल किया गया होगा।


भट की हत्या के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्यों द्वारा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गया और सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की मांग की गई।




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प्रमुख जम्मू-कश्मीर पार्टियों के समूह, पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) ने रविवार को कश्मीरी पंडित कर्मचारियों से घाटी नहीं छोड़ने का आग्रह किया। कहा कि यह उनका घर है और यह सभी के लिए दर्दनाक होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि अमरनाथ यात्रा, हिंसा की हालिया घटनाओं को देखते हुए एक बड़ी सुरक्षा चुनौती हो सकती है, इसलिए सुचारू रूप से यात्रा चल सके। इस कारण केंद्र सरकार कम से कम 12,000 अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ हजारों की तादाद जम्मू-कश्मीर पुलिस को तैनात करने जा रही है।


यह वार्षिक तीर्थयात्रा 2020 और 2021 में कोरोना वायरस महामारी के कारण नहीं हो सकी थी। 2019 में, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से ठीक पहले इसे छोटा कर दिया गया था। यात्रा में लगभग तीन लाख तीर्थयात्रियों के भाग लेने की संभावना है, जो 11 अगस्त के आस पास समाप्त हो जाएगी।






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