तेल की कीमतों पर काबू पाने के लिए ओपेक देशों पर दबाव डालेगा भारतः धर्मेंद्र प्रधान

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 19 जून ): तेल की बढ़ती कीमतों से जनता परेशना है। जनता का बोझ कम करने के लिए भारत सरकार पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (ओपेक) पर दबाव डालने की तैयार कर रही है। सरकार इस संगठन को पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स की कीमतें जिम्मेदारी से निर्धारित करने को कहेगी। सीआईआई के एक कार्यक्रम में सोमवार को पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात की जानकारी दी।पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर प्रधान ने कहा कि कि सरकार पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स की कीमतों को आम आदमी की पहुंच में रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने इस बारे में कहा, '22 जून को वियना में ओपेक कॉन्फ्रेंस होने वाली है। जब भी हम ओपेक के सदस्यों से मिलते हैं, हम उन्हें क्रूड ऑइल की कीमतों को काबू मे करने और डिमांड के अनुसार कीमतें तय करने को कहते हैं। इस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी हम इस मुद्दे को उठाएंगे।'क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमत पर प्रधान ने कहा, 'एक वक्त था जब ऑयल प्रोड्यूस करने वाले देशों की भूमिका महत्वपूर्ण होती थी। हम क्रूड ऑयल की कीमत 25 डॉलर प्रति बैरल रखने की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन इसे 55-60 रुपये प्रति बैरल से ज्यादा नहीं होना चाहिए। हम तेल की कीमतों को गरीबों की पहुंच से दूर नहीं रख सकते हैं। वर्तमान स्थिति में तेल की बढ़ती कीमत हमारे लिए मुश्किल पैदा कर रही है। इस मुद्दे को हम ओपेक कॉन्फ्रेंस में उठाएंगे।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर ओपेक देश तेल की कीमतों को ठीक तरीके से तय नहीं करते हैं तो हम इलेक्ट्रिक वीइकल, बायो फ्यूल और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल पर जोर देंगे।