ऐसे मौके जब मैदान पर भिड़े भारत-पाकिस्तान के प्लेयर्स

नई दिल्ली(18 मार्च): भारत और पाकिस्तान की टीम ना सिर्फ मैदान पर एक दूसरे को हराने के ईरादे से मैदान पर उतरती है, जबकि जीत पाने के लिए खिलाड़ी किसी भी हद में जाकर अपने टीम को जीत के दरवाजा पर पहुंचाने का काम करते हैं।

भारत-पाक के मुकाबले को इसी कारण से महामुकाबला भी कहा जाता है। मैदान पर कई बार ऐसे मौके आए जब दोनों देशों के खिलाड़ी एक-दूसरे पर तीखे वार किए। ये वार बल्ले से इशारा का हो या मैदान पर उछलने का। आइए नजर डालते हैं ऐसी ही कुछ लम्हों पर।

जावेद मियांदाद और किरण मोरे: दोनों देशों के क्रिकेट इतिहास में जो सबसे शानदार और बेहद ही नाट्किय कहा- सुनी होती है तो सबके जुबां पर 1992 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के जावेद मियांदाद और भारत के विकेटकीपर किरण मोरे के बीच हुई बहस आज भी दोनों क्रिकेट प्रेमियों को गुदगुदाए बिना नहीं रह सकता है। उस मैच में जब भारत के किरण मोरे थोड़े – थोड़े अंतराल में विकेट के पीछे खड़े होकर अपील कर रहे थे जिससे जावेद मियांदाद अपने बल्लेबाजी के दौरान असहज हो रहे थे तो उन्होंने भी अचानक से किरण मोरे की अपील की नकल करने लगे। 

वेंकेटेश प्रसाद और आमिर सोहेल: 1996 के वर्ल्ड कप में भारतीय तेज गेंदबाज वेंकेटेश प्रसाद और पाकिस्तान के ओपनर बल्लेबाज आमिर सोहेल के द्वारा हुई अनबन को आज भी क्रिकेट प्रेमी नहीं भूले हैं। उस मैच में आमिर सोहेल बड़ी तेजी से रन बनानें के क्रम में वेंकेटेश प्रसाद की गेंद पर लगातार बाउंड्री जमा रहे थे जिससे सोहेल बेहद ही आत्मविश्वास में आकर वेंकेटेश प्रसाद को बाउंड्री की तरफ ईशारा करते हुए ये कह रहे थे कि तुम्हारी गेंदों को इसी तरह से धूनाई करूंगा, इतना कहने के बाद अगली ही गेंद पर प्रसाद ने आमिर सोहेल की ऑफ स्टंप की गिल्लियां बिखेड़ दी। सोहेल को क्लिन बोल्ड करते ही प्रसाद ने पूरे जोश के साथ आमिर सोहेल को पवेलियन की ओर जाने का ईशारा किया था।

गौतम गंभीर और कामरान अकमल: 2010 के एशिया कप में खेले गए एक लीग मैच में भारत और पाकिस्तान की टीम आमने – सामने थी। उस मैच में भारत के ओपनर बल्लेबाज गौतम गंभीर बेहद ही शानदार बल्लेबाजी करते हुए 83 रनों की पारी खेली थी । लेकिन उस मैच में गौतम गंभीर और पाकिस्तानी विकेटकीपर कमरान अकमल एक दूसरे पर तंज मारते हुए दिखाई पड़े  थे। गौतम गंभीर 55 रन पर बल्ल्बाजी कर रहे थे तभी शाहिद अफरीदी की एक गेंद को कट मारने के चक्कर में गंभीर गेंद को मिस कर गए थे जिससे विकेटकीपर कमरान अकमल ने कीपिंग करते हुए गेंद को लपककर जोर – जोर से आउट की अपील करने लगे। लेकिन अंपायर ने उस अपील को ठुकरा दिया था। इसके बाद सईद अजमल की ओवर में गौतम गंभीर गेंद को खेलने से  फिर से चुक गए और अकमल फिर से अपील करने लगे। इसके बाद गंभीर ने अकमल पर तंज कसा जिससे अमकल भी बौखला गए और दोनों एक दूसरे पर शब्दों के बाण चलाने लगे। दोनों की आपसी लड़ाई आगे बढ़नी लगी तो अंपायर और कप्तान धोनी ने दोनों को एक दूसरे से अलग किया था। वो दृश्य भी क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में आज भी तजोताजा है।

हरभजन सिंह और शोएब अख्तर: 2010 के ही एशिया कप में जब हरभजन सिंह और शोएब अख्तार के बीच अनबन हुई थी। भारत को जीत के लिए 7 रन की जरूरत थी 7 गेंद पर। शोएब अख्तर 49वां ओवर का अंतिम गेंद  हरभजन सिंह को करने वाले थे। शोएब  अख्तर ने अंतिम गेंद हरभजन सिंह को बाउंसर मारी जिसे हरभजन खेल नहीं पाए। इसके बाद शोएब अख्तर और हरभजन सिंह ने एक दूसरे पर तंज मारने लगे। दोनों की बहस को रोकने के लिए अंपायर को बीच में आना पड़ा था। अगले ओवर में हरभजन सिंह ने सिक्सर जमाकर भारत को शानदार जीत दिलाई थी। मैच जीताने के बाद हरभजन सिंह ने शोएब अख्तर की ओर ईशारा करते हुए जीत का जश्न मनाया था। आज भी वो पल भारतीय क्रिकेट दर्शकों को रोमांच के सागर में गोते लगाने पर मजबूर कर देता है। भारत यह मैच 3 विकेट से जीता था।