INDvsAUS: सौरभ गांगुली की कप्तान कोहली को सलाह, कंगारुओं के खिलाफ न करें ये भूल

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (6 दिसंबर): भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 टेस्ट मैचों की सीरीज का आज आगाज हो गया। इस टेस्ट सीरीज में भारत को फेवरेट माना जा रहा है। लेकिन पहले टेस्ट का पहला दिन भारत के लिए कुछ खास नहीं रहा। वहीं टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूद टेस्ट सीरीज को हल्के में नहीं लेने और सजग रहने की सलाह दी है। सौरभ गांगुली ने कहा है कि घर में कोई भी टीम खासकर ऑस्ट्रेलिया की टीम कभी कमजोर नहीं होती।  

प्रतिबंध की वजह से दो दिग्गज खिलाड़ी स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर के सीरीज से बाहर होने के बावजूद गांगुली ने कहा कि अपने लेख में लिखा है कि भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलियाई टीम को कमजोर आंकने की भूल नहीं करनी चाहिए। अपने इस लेख में दादा ने लिखा कि, 'इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दो ऐसे देश है, जहां के लोग बहुत अच्छी जानकारी रखते हैं और क्रिकेट समुदाय के लिए टेस्ट मैच आज भी महत्वपूर्ण हैं। 4 टेस्ट मैच की इस सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम को प्रैक्टिस कराने के लिए एडिलेड में स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और स्टीव वॉ की मौजूदगी से इस सीरीज की उपयोगिता समझी जा सकती है।'

गांगुली ने अपने लेख में लिखा है कि सीरीज से पहले यहां फेवरिट की खूब बात की जा रही है। मैं कभी भी इस बात पर भरोसा करने वालों में नहीं रहा हूं, जो मेजबान टीम को कमजोर माने। पिछले 30 सालों में दुनिया ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से कुछ गजब के खिलाड़ी देखें हैं। एक दौर में ऐसा कहा जाता था कि उसके (ऑस्ट्रेलिया) 11 खिलाड़ी खेल रहे हैं और बैकअप में जो 11 खिलाड़ी मौजूद है वे भी इतने ही अच्छे हैं, जितना कि खेलने वाले 11 खिलाड़ी। तो ऑस्ट्रेलिया के उस दौर की टीम से इस टीम की तुलना करें, तो तब आप यह कह सकते हैं कि बैटिंग के दृष्टिकोण से यह टीम ऑस्ट्रेलिया की पूर्व टीमों के मुकाबले टीम कमजोर है। हालांकि अगर इस टीम के खिलाड़ी यह सोच लें कि वे इन कंडीशंस के आदी हैं और वे अपनी घरेलू कंडीशंस में खेल रहे हैं, जहां वे पले-बड़े हैं, तो ऐसे में वह कहीं बेहतर खेल दिखा सकते हैं। उनके भारत और इंग्लैंड में खेलने पर कुछ चुनौतियां होंगी, लेकिन अपने घर पर वह किसी भी टीम को मात दे सकते हैं।

जब भारतीय टीम इंग्लैंड गई थी, तब भी ऐसी ही बातें हो रही थी। लेकिन उस सीरीज में सैम करन, बटलर और क्रिस वोक्स अपनी होम कंडीशंस में अपनी टीम के लिए खड़े रहे और उन्होंने मिलकर भारतीय टीम पर दबाव डाल दिया। इसी तरह पीटर हैंड्सकॉम्ब, ट्रैविस हेड और शॉन मार्श भी अपनी कंडीशंस में उपयोगी साबित हो सकते हैं। ऐसे में किसी भी टीम को कम नहीं आंकना चाहिए और मुझे पूरा भरोसा है भारीय टीम उन्हें कम नहीं आंक रही है। साथ ही दादा ने लिखा है कि ऑस्ट्रेलिया का बोलिंग अटैक शानदार है। बीते कुछ सालों से प्रत्येक बेस्ट टेस्ट टीम के पास कुछ अच्छे स्पिनर्स भी रहे हैं। मुझे भरोसा है कि पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, मिशेल स्टार्क के साथ नाथन लॉयन बॉल पुराना होने के बाद दबाव बनाए रखेंगे।