पुजारा का दोहरा शतक, टीम इंडिया को मिला साइलेंट किलर...

नई दिल्ली (19 मार्च): ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर लाने में सबसे बड़ा योगदान रहा विराट के योगी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का, क्योंकि पुजारा मानो रांची के मैदान पर बल्लेबाजी नहीं बल्कि योग कर रहे थे। 202 रनों की मैराथन पारी खेलकर पुजारा ने टीम इंडिया को बड़ी बढ़त दिलाई।


रांची टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा ने लगातार तीसरे दिन मैराथन बैटिंग की, मानो पुजारा मैदान पर बल्ले से योग करते नजर आए। ना कोई टेंशन और ना कोई जल्दबाजी बस अपने लक्ष्य पर पुजारा का ध्यान। इस सीरीज में दोहरा शतक बनाने वाले पुजारा पहले बल्लेबाज हैं। पुजारा मैच के दूसरे दिन जहां 10 रन बना कर नाबाद थे, वही दूसरे दिन पुजारा ने शतक लगाते हुए 130 रनों पर नाबाद लौटे थे। चौथे दिन पुजारा ने दोहरा शतक लगाया।


रांची में चेतेश्वर पुजारा ने जहां करियर का तीसरा दोहरा शतक लगाया, वही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ये पुजारा का दूसरा दोहरा शतक है। पुजारा ने पुजारा ने इससे पहले 2013 की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैदराबाद टेस्ट में डबल सेंचुरी अपने नाम की थी। पुजारा ने अपने 202 रनों की पारी में 525 गेंदों का सामना किया 21 चौके लगाए और मिनट तक क्रीज पर रहे। भारत की तरफ से क्रीज पर सबसे ज्यादा समय बिताने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए हैं चेतेश्वर पुजारा।


टीम इंडिया की तरफ से मौजूदा सीरीज में पुजारा लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बेंगलुरु टेस्ट की दूसरी पारी में भी पुजारा ने 92 रनों की जुझारु पारी खेल कर टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम रोल निभाया था। पुजारा ने ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स का हौसला पस्त करने में सबसे अहम रोल निभाया है। पुजारा रांची में एक छोर संभाले रखा। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि पुजारा ने स्लो बल्लेबाजी की, लेकिन इसमें पुजारा की स्लो बल्लेबाजी की बजाय ऑस्ट्रेलिया की नीगेटीव बॉलिंग का रोल ज्यादा नजर आया।