अमेरिका बेचेगा भारत को 22 ड्रोन, 'खेल' बिगाड़ने में जुटा पाकिस्तान

नई दिल्ली(7 सितंबर): भारत ने खासकर हिंद महासागर में अपनी समुद्री संपदाओं की रक्षा के लिए अमेरिका से 22 ड्रोन खरीदने की इच्छा जताई। लेकिन अमेरिका के ड्रोन बेचने के देरी की पीछे पाकिस्तान की एक लॉबी काम कर रही है।

सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली कि प्रशासन मानता है कि इस अनुमोदन के बाद भारत-अमेरिका के बीच रक्षा संबंध और मजबूत होंगे। 

प्रीडेटर गार्जियन प्लेटफार्म काफी उंचाई पर विशाल क्षेत्र में उड़ान भरने, टोह लेने, निगरानी करने में सक्षम है और वह भारत को हिंद महासागर में तथा उसके पूर्वी एवं पश्चिमी तटों पर उसकी समुद्री संपदा की सुरक्षा एवं निगरानी में मदद पहुंचाएगा।

क्या है ड्रोन की खासियत

यह गश्ती ड्रोन 50,000 फुट की उंचाई पर निरंतर 24 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भर सकता है और समुद्री क्षेत्र में फुटबाल के बराबर की आकार की वस्तुओं पर भी बारीकी से नजर रख सकता है। समझा जाता है कि भारत ने पहले भी अमेरिका से इस तरह के ड्रोन को खरीदने की दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन ओबामा प्रशासन इस आग्रह पर बढ़ने में समर्थ नहीं था क्योंकि भारत एमटीसीआर का सदस्य नहीं था।