कहीं भी आतंकियों को घुसकर मार सकते हैं भारत-अमेरिका, पाक-चीन के होश फाख्ता


नई दिल्ली (5 अप्रैल): पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ कोवर्ट ऑप्रेशन चलाने और उनका काम तमाम करने के लिए भारत और अमेरिका में सहमति बन चुकी है। इस बात की भनक पाकिस्तान के साथ उसके दोस्त चीन को भी लग चुकी है। इसलिए दोनों के होश फाख्ता हैं। पाकिस्तान जानता है कि भारत पाकिस्तान के भीतर कहीं भी कोवर्ट ऑप्रेशन में सक्षम है। अगर भारत पाकिस्तान में किसी आतंकी को मार गिराने में कामयाब हो गया तो उसे चीन भी नहीं बचा पायेगा। इसलिए दाउद जैसे आतंकियों को अज्ञात स्थानों पर छिपा दिया है और हाफिज सईद को नजरबंद कर रखा है। इन सबके बावजूद पाकिस्तान पर संकट के बादल नहीं छंट रहे हैं।


 पाकिस्तान की मदद के लिए चीन कूटनीतिक और राजनीतिक हथकंडे इस्तेमाल कर रहा है। चीन ने पाकिस्तान के लिए रूस का समर्थन हासिल करने को कोशिश भी की, लेकिन रूस ने स्पष्ट कर दिया कि अफगानिस्तान में शांति के अलावा वो किसी अन्य मुद्दे पर खुद को शामिल नहीं करेगा जिससे भारत और रूस के संबंधों पर असर पड़ता हो। पिछले महीने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और यूएस के डिफेंस सेक्रेटरी जनरल जेम्स मैटिस के बीच पाकिस्तान में आतंकी पनाहगाहों के खात्मे और चीन पर अहम चर्चा हुई थी। पाकिस्तान ने अपने खिलाफ संभावित कार्रवाई से बचने के लिए अमेरिका के सामने मध्यस्थता का चारा डाला था।


भारत ने अमेरिका के प्रस्ताव बड़े ही सलीके से किनारे कर दिया और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ कर लिय़ा। इतना ही नहीं अमेरिका ने चीन को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि चीन के वीटो के बावजूद पाकिस्तान के आतंकी अब ज्यादा दिन जिंदा नहीं बचेंगे। दरअसल, अमेरिका और रूस दोनों जानते हैं कि एशिया-पैसेफिक क्षेत्र में भारत की मजबूती से ही दुनिया में शांति और स्थिरता रह सकती है।